देहरादून। उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने राज्य गठन के बाद सबसे लंबे समय तक राज्यपाल रहने का नया रिकॉर्ड अपने नाम दर्ज कर लिया है। 15 सितंबर 2021 को उत्तराखंड के आठवें राज्यपाल के रूप में शपथ लेने वाले गुरमीत सिंह का कार्यकाल अब 4 वर्ष, 9 माह और 21 दिन का हो चुका है, जो राज्य के इतिहास में किसी भी राज्यपाल का सबसे लंबा कार्यकाल है। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने संवैधानिक दायित्वों का प्रभावी निर्वहन करते हुए राजभवन को जनसंवाद, नवाचार, शिक्षा, युवा प्रेरणा और सामाजिक जागरूकता का सक्रिय केंद्र बनाने की दिशा में उल्लेखनीय कार्य किए। राज्यपाल ने शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, युवा नेतृत्व, सैनिक एवं पूर्व सैनिक कल्याण, पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता, स्वास्थ्य और सामाजिक समरसता जैसे विषयों को प्राथमिकता देते हुए विभिन्न विश्वविद्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों, सैनिक परिवारों और सामाजिक संगठनों के साथ निरंतर संवाद स्थापित किया। विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति के रूप में उन्होंने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, अनुसंधान, कौशल विकास और भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। इसी क्रम में देहरादून स्थित लोक भवन में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल की अध्यक्षता में ‘एब्सोल्यूट इंटेलिजेंस डोंट सर्च, फाइंड (प्रज्ञा, खोजें नहीं, समाधान पाएँ)’ पुस्तक का लोकार्पण भी किया गया। इस अवसर पर राज्यपाल ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा आज वैश्विक स्तर पर नई पहचान बना रही है तथा विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय भविष्य की सबसे बड़ी आवश्यकता है। कार्यक्रम में स्वामी चिदानंद सरस्वती ने राज्यपाल गुरमीत सिंह के सैन्य और संवैधानिक जीवन की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रसेवा, अनुशासन और दूरदृष्टि का प्रेरणास्रोत बताया। वहीं प्रख्यात वैज्ञानिक एवं लेखक प्रो. अरुण तिवारी ने पुस्तक को विज्ञान और अध्यात्म के बीच संवाद स्थापित करने वाला महत्वपूर्ण वैचारिक सेतु बताया। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ और राष्ट्रगान के साथ शुरू हुए इस गरिमामय समारोह में योग, आयुर्वेद, विज्ञान, शिक्षा और अध्यात्म जगत की अनेक प्रमुख हस्तियों, विश्वविद्यालयों के कुलपतियों, शिक्षाविदों और गणमान्य अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
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