रुद्रप्रयाग। बीएड में निर्धारित 50 प्रतिशत से कम अंक होने के बावजूद प्राथमिक शिक्षा विभाग में नियुक्ति पाने वाले शिक्षकों पर आखिरकार कार्रवाई की गई है। उत्तराखंड हाई कोर्ट के अंतिम फैसले के बाद जनपद में तैनात 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं।यह मामला वर्ष 2019-20 की भर्ती प्रक्रिया से जुड़ा हुआ है। उस समय कुछ अभ्यर्थियों, जिनके बीएड में 50 प्रतिशत से कम अंक थे, ने नियुक्ति प्रक्रिया के खिलाफ हाई कोर्ट में अपील दायर की थी। प्रारंभिक चरण में न्यायालय से राहत मिलने के बाद वर्ष 2022 में इन अभ्यर्थियों को प्राथमिक शिक्षा विभाग में नियुक्ति दे दी गई थी।हालांकि, मामले की अंतिम सुनवाई में हाई कोर्ट ने उनकी अपील खारिज कर दी, जिससे उनकी नियुक्ति को अवैध माना गया। न्यायालय के इसी अंतिम निर्णय के अनुपालन में शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए संबंधित शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दीं।जिला शिक्षा अधिकारी (प्राथमिक शिक्षा) अभय कुमार चौधरी ने इस संबंध में सभी तहसीलों—रुद्रप्रयाग, ऊखीमठ, जखोली और बसुकेदार—के उपजिलाधिकारियों को पत्र जारी किया है। पत्र में निर्देश दिए गए हैं कि यदि ये शिक्षक वर्तमान में किसी सरकारी कार्य, विशेष रूप से जनगणना में लगे हुए हैं, तो उन्हें तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए।साथ ही, उनके स्थान पर रिजर्व सूची से नए कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण कार्य प्रभावित न हों।इस कार्रवाई को शिक्षा विभाग द्वारा नियमों के अनुपालन और पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
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