हरिद्वार, 7 फरवरी।रानीपुर पुलिस ने महज 48 घंटे में एक सनसनीखेज ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए गुमशुदगी के मामले को हत्या की सच्चाई में बदल दिया। पुलिस की त्वरित और प्रभावी कार्रवाई से न केवल आरोपी बेनकाब हुआ, बल्कि आमजन का पुलिस कार्यप्रणाली पर भरोसा भी मजबूत हुआ है।मामले का खुलासा करते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि यह मामला एक दिव्यांग ई-रिक्शा चालक मनीष (38) से जुड़ा है, जो 1 फरवरी को रहस्यमय परिस्थितियों में लापता हो गया था। मृतक के पिता रामआसरे की तहरीर पर 4 फरवरी को कोतवाली रानीपुर में गुमशुदगी दर्ज की गई थी।जांच के दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले, जिनसे पता चला कि मनीष का मोबाइल फोन पांवधोई, ज्वालापुर निवासी अयान उर्फ सुन्नत के पास था। आरोपी ने कॉल करने के बहाने मोबाइल लिया और बाद में फोन स्विच ऑफ कर फरार हो गया। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से पुलिस ने 6 फरवरी को बीएचईएल स्टेडियम के पास से अयान को गिरफ्तार कर लिया।पूछताछ में आरोपी ने खुलासा किया कि मोबाइल छीने जाने का विरोध और पुलिस में शिकायत की धमकी उसे नागवार गुजरी। इसी रंजिश में उसने अपने साथी बिलाल के साथ मिलकर मनीष की हत्या की साजिश रची। दोनों ने मनीष को शराब पीने के बहाने बीएचईएल क्षेत्र की झाड़ियों में बुलाया, जहां विवाद के दौरान उसकी हत्या कर दी गई।हत्या के बाद आरोपियों ने शव को प्लास्टिक के कट्टे में भरकर झाड़ियों में फेंक दिया और ई-रिक्शा लावारिस हालत में छोड़कर फरार हो गए। अयान की निशानदेही पर पुलिस ने शव बरामद कर गुमशुदगी के मुकदमे को हत्या की धाराओं में तरमीम किया।फिलहाल पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरे आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस टीमों को जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।
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