देहरादून। सचिवालय में सोमवार को मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन की अध्यक्षता में आयोजित मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा बैठक में लंबित योजनाओं की स्थिति पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में सामने आया कि कई घोषणाएं अब तक पूरी नहीं हो सकी हैं। मुख्य सचिव ने सभी विभागों को निर्देश दिए कि लंबित घोषणाओं को जल्द से जल्द पूरा किया जाए।उन्होंने यह भी कहा कि जिन योजनाओं को तकनीकी या व्यावहारिक कारणों से पूरा करना संभव नहीं है, उनके विलोपन (रद्द) का प्रस्ताव 15 दिनों के भीतर मुख्यमंत्री घोषणा प्रकोष्ठ को भेज दिया जाए। साथ ही विभागों को योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा करने और बाधाओं को दूर करने के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए।बैठक में भूमि उपलब्ध न होने के मामलों पर भी विशेष चर्चा हुई। मुख्य सचिव ने कहा कि ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधि, संबंधित विधायक और जिलाधिकारी आपसी समन्वय से यह तय करें कि संबंधित योजना को पूरा किया जाना है या नहीं। उन्होंने अंतरविभागीय मामलों को आपसी तालमेल के साथ सुलझाने पर भी जोर दिया।कई विभागों की घोषणाएं अधूरीसमीक्षा में यह भी सामने आया कि कुछ विभागों में बड़ी संख्या में घोषणाएं पूरी नहीं हो सकीं। सबसे अधिक 90 घोषणाएं लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) में वापस लेनी पड़ीं। इसके पीछे डबल कनेक्टिविटी और पीसीयू मानकों से संबंधित तकनीकी बाधाओं को प्रमुख कारण बताया गया। इसके अलावा शिक्षा विभाग में 55 और सिंचाई विभाग में 45 घोषणाएं पूरी नहीं हो सकीं।बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि भविष्य में घोषणाएं करते समय उनकी व्यवहार्यता और आवश्यक संसाधनों का आकलन पहले ही सुनिश्चित किया जाए, ताकि योजनाएं समय पर पूरी हो सकें।इस समीक्षा बैठक में प्रमुख सचिव आरके सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव सचिन कुर्वे, रविनाथ रामन, एसएन पांडेय, एसए अद्दांकी, विनोद कुमार सुमन, डॉ. आर. राजेश कुमार, अहमद इकबाल, मुख्य वन संरक्षक रंजन मिश्र सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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