देहरादून। हाल ही में तैयार हुए दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने राजधानी दिल्ली से देहरादून की दूरी को काफी हद तक कम कर दिया है, जिससे यात्रियों को अब मात्र ढाई घंटे में देहरादून पहुंचने की सुविधा मिल रही है। हालांकि, इस तेज और सुगम कनेक्टिविटी के साथ एक नई समस्या भी सामने आई है। शहर के भीतर प्रवेश करते ही लोगों को भारी ट्रैफिक जाम का सामना करना पड़ रहा है, जिसके कारण उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने में अतिरिक्त दो घंटे तक का समय लग रहा है। यह स्थिति अब रोजाना की समस्या बनती जा रही है।स्थानीय लोगों और पर्यटकों के अनुसार, एक्सप्रेसवे के कारण देहरादून में वाहनों की संख्या में अचानक वृद्धि हुई है, लेकिन शहर की आंतरिक सड़कों और ट्रैफिक प्रबंधन व्यवस्था इस बढ़ते दबाव को संभालने में सक्षम नहीं दिख रही है। सोशल मीडिया पर भी लोग लगातार जाम की स्थिति के वीडियो और तस्वीरें साझा कर रहे हैं, जिससे समस्या की गंभीरता साफ नजर आ रही है।इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान पर्यावरण और वन्यजीवों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राजाजी नेशनल पार्क क्षेत्र में लगभग 14 किलोमीटर लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर बनाया गया है, ताकि जानवरों की आवाजाही प्रभावित न हो। इसके अलावा 340 मीटर लंबी सुरंग का निर्माण भी किया गया है, जो इस परियोजना की तकनीकी विशेषताओं को दर्शाता है।हालांकि, एक्सप्रेसवे ने देहरादून की पहुंच को आसान और तेज बना दिया है, लेकिन इसके चलते बढ़े पर्यटकों और वाहनों के दबाव ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। जाम की समस्या के कारण स्थानीय निवासियों के साथ-साथ बाहर से आने वाले पर्यटकों को भी भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में अब जरूरत इस बात की महसूस की जा रही है कि शहर के भीतर ट्रैफिक प्रबंधन को सुदृढ़ किया जाए और भविष्य की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ठोस योजना बनाई जाए।
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