काशीपुर। कथित रूप से जारी चार शस्त्र लाइसेंस जांच में फर्जी पाए जाने के मामले में एसओजी ने दो और आरोपियों को गिरफ्रतार किया है। उनके कब्जे से दो पिस्टल, दो रायफल, कारतूस, फर्जी लाइसेंस और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।एसएसपी अजय गणपति के निर्देश पर चल रही जांच के दौरान एसओजी को सूचना मिली थी कि बाहरी राज्यों से फर्जी लाइसेंस बनवाकर हथियार रखने का नेटवर्क सक्रिय है। जांच में कुंडा क्षेत्र के चार शस्त्र लाइसेंस फर्जी पाए गए जिनके आधार पर कुंडा थाने में अजय सिंह, अनूप सिंह, जगदेव सिंह और जगदीप सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। एसओजी ने ग्राम छिनकी, किच्छा निवासी अजय सिंह और कुंडा निवासी अनूप सिंह को गिरफ्रतार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों ने स्वयं को पंजाब का निवासी दर्शाकर फर्जी लाइसेंस बनवाए थे और उन्हीं के आधार पर हथियार खरीदे थे।अनूप सिंह के कब्जे से एक -32 बोर पिस्टल, एक -315 बोर रायफल, फर्जी लाइसेंस और मोबाइल फोन बरामद हुआ। उसके खिलाफ कुंडा थाने में पहले से तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं अजय सिंह के पास से एक -32 बोर पिस्टल, एक -315 बोर रायफल, 16 कारतूस और फर्जी लाइसेंस बरामद किया गया। एसएसपी अजय गणपति ने कहा कि जिले में अवैध गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। बतादें कि फर्जी लाइसेंस मामले में गिरफ्रतार आरोपियों से पूछताछ में एसओजी को अहम सुराग मिले हैं। एसआई सुनील सुतेड़ी ने बताया कि जांच के दौरान 10 से 12 अन्य लोगों के नाम भी प्रकाश में आए हैं। उनकी भूमिका की जांच की जा रही है और साक्ष्य मिलने पर उनके विरुद्ध भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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