श्रीराम कथा में भगवान श्रीराम की भक्ति और राम नाम के महत्व का संदेश दिया

काशीपुर। श्रीराम कथा गंगाप्रवाह के पांचवें दिन कथा व्यास पूज्य स्वामी पं- बृजेश पाठक महाराज ने श्रद्धालुओं को भगवान श्रीराम की भक्ति और राम नाम के महत्व का संदेश दिया। कथा व्यास ने श्रीरामचरित मानस में वर्णित महर्षि वाल्मीकि द्वारा प्रभु श्रीराम के लिए बताए गए 14 निवास स्थानों में से पांचवें स्थान की विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि महर्षि वाल्मीकि का पूर्ण विश्वास था कि भगवान श्रीराम के निवास के लिए मनुष्य का हृदय रूपी मंदिर सर्वश्रेष्ठ स्थान है। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपने गुरु को स्वयं से भी बड़ा मानकर उनका सम्मान करता है और सच्चे मन से उनकी सेवा करता है, उसके हृदय में प्रभु श्रीराम का वास होता है।पूज्य व्यासजी महाराज ने कहा कि कलियुग में श्रीराम का नाम ही ऐसा अमूल्य धन है, जो बिना किसी मूल्य के प्राप्त हो जाता है। राम नाम का सुमिरन मात्र व्यक्ति को भवसागर से पार कराने में समर्थ है। उन्होंने कहा कि राम नाम ही मंत्र, महामंत्र और राजमंत्र है। श्रद्धालुओं से उन्होंने नियमित रूप से राम नाम का जाप करने और भगवान श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने का आ“वान किया। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में पुरुष और महिलाएं श्रीरामलीला मैदान पहुंचे। इस दौरान सर्वेश कुमार अग्रवाल, भगवत सिंह, राजेंद्र मेहरोत्रा, हरि भोम कपूर, उमेश चंद्र पांडेय, हेमचंद्र जोशी, महेश कुमार वर्मा, विजय कुमार सारस्वत, दिनेश कुमार शर्मा, हरिशंकर प्रकाशन, शिवमोहन अग्रवाल, राकेश कुमार गोयल, विजय कुमार शर्मा, ज्ञानेंद्र कुमार सक्सेना, मुनीष कांत शर्मा, जितेंद्र कुमार अग्रवाल, सुनील अग्रवाल पंसारी एवं विजय अग्रवाल सहित अनेक श्रद्धालु मौजूद रहे। कमेटी की ओर से श्रद्धालुओं से प्रतिदिन निर्धारित समय पर रात्रि आठ बजे श्रीरामलीला मैदान में पहुंचकर श्रीराम कथा का श्रवण करने का आग्रह किया गया।

Profile Picture

संपादक : एफ यू खान

संपर्क: +91 9837215263

संबंधित ख़बरें

Leave a Comment