काशीपुर। भाई-बहन के पवित्र प्रेम, स्नेह और विश्वास का प्रतीक रक्षाबंधन पर्व जागृति पब्लिक स्कूल में बच्चों ने हर्षोल्लास के साथ मनाया। इस अवसर पर विद्यालय में किसी बड़े औपचारिक कार्यक्रम के बजाय बच्चों ने आपसी प्रेम और भाईचारे की भावना के साथ एक-दूसरे को राखी बांधकर पर्व की खुशियां साझा कीं।रक्षाबंधन को लेकर विद्यालय के बच्चों में सुबह से ही उत्साह देखने को मिला। बच्चों ने अपनी पसंद के मित्रों तथा अन्य कक्षाओं में पढ़ने वाले उन विद्यार्थियों को, जिन्हें वे भाई या बहन जैसा मानते हैं, राखी बांधी।…
Day: August 27, 2026
चंपावत में सीएम धामी ने मातृशक्ति को दी सौगातों की बात, बोले- बहनों और बेटियों को आगे बढ़ाना सरकार की प्राथमिकता
चंपावत। सशक्त बहना उत्सव कार्यक्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रदेश की मातृशक्ति को रक्षाबंधन पर्व की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि चंपावत से उनका विशेष जुड़ाव है और जब भी वह यहां आते हैं, उन्हें अपने परिवार के बीच आने जैसा अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि चंपावत की जनता और मातृशक्ति से मिलने वाला स्नेह उन्हें नई ऊर्जा देता है और यही ऊर्जा उन्हें प्रदेश के विकास तथा जनसेवा के लिए लगातार काम करने की ताकत देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार का प्रमुख उद्देश्य…
‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान में छात्रों ने रखे विकास के सुझाव, सीएम धामी ने कहा- युवा नीति निर्माण में बनें सक्रिय भागीदार
रुद्रपुर। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विद्यार्थियों से उत्तराखंड के विकास और भविष्य को लेकर सुझाव लेते हुए कहा कि राज्य को विकसित और आत्मनिर्भर बनाने में युवा शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। रुद्रपुर स्थित जेपीएस स्कूल के ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में ऊधम सिंह नगर जिले के विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे करीब 800 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया, जिनमें से चयनित 15 विद्यार्थियों के साथ मुख्यमंत्री ने सीधे संवाद किया और उनके विचारों को सुना। ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों और…
उत्तराखंड में चुनाव आयोग की बड़ी कार्रवाई, 2022 के चार प्रत्याशी तीन साल के लिए चुनाव लड़ने से अयोग्य
देहरादून। अगले वर्ष प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले भारत निर्वाचन आयोग ने उत्तराखंड में बड़ी कार्रवाई करते हुए विधानसभा चुनाव-2022 में चुनाव लड़ चुके चार अभ्यर्थियों को तीन वर्ष की अवधि के लिए चुनाव लड़ने से निरर्हित घोषित किया है। आयोग ने यह कार्रवाई लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 10क के तहत की है। जारी आदेश के अनुसार निरर्हित किए गए चारों व्यक्ति अब संसद के किसी भी सदन, राज्य विधानसभा अथवा केंद्रशासित प्रदेश की विधानसभा या विधान परिषद के सदस्य के रूप में चुने जाने या सदस्य बने…
