काशीपुर। काशीपुर के एलडी भट्ट उपजिला चिकित्सालय के प्रांगण में उत्तराखंड आशा हेल्थ वर्कर्स यूनियन के बैनर तले आशाओं ने अपनी मांगों को लेकर एक मांग पत्र मुख्यमंत्री के नाम संबोधित राजकीय चिकित्सालय के सीएमएस को सौंपते हुए मांग की है कि 3000 में दम नहीं 26000 से काम नहीं का नारा देते हुए कहा कि सरकार उनको सबसे पहले सरकारी कर्मचारियों की तर्ज पर हमें भी नौकरियों में शामिल करें। आशाओं ने कहा कि सितंबर माह से प्रत्येक मंगलवार को राजकीय चिकित्सालय में अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जा रहा है, अगर उनकी मांगे शीघ्र ही पूरी नहीं की तो यह धरना प्रदर्शन आंदोलन मे तब्दील होकर दिसंबर माह तक जाएगा। उन्होंने मांग की है की राज्य में आशाओं को मासिक मानदेय नियत करने व डीजी हेल्थ उत्तराखंड द्वारा आशाओ के मानदेय को 11500 रुपए करने को लेकर बनाए गए 2021 के प्रस्ताव को लागू करने का खटीमा में किया गया वादा तत्काल पूरा किया जाए। आशाओं को न्यूनतम वेतन कर्मचारी का दर्जा व सेवा निवृत होने पर सभी आशाओं को अनिवार्य पेंशन का प्रस्ताव विधानसभा के आगामी सत्र में पारित कर केंद्र सरकार को भेजा जाए। उन्होंने कहा कि अगर समय रहते उनकी मांगे पूरी ने की गई तो आशाए उग्र आंदोलन करने को भी बाध्य होंगी जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी इसी के साथ ही राजकीय चिकित्सालय के सीएमएस संदीप दीक्षित ने कहा कि आशाओं का धरना प्रदर्शन शांतिपूर्वक चल रहा है और उनको उनका हक मिलना चाहिए, उन्होंने कहा कि आशाएं बहने रातों को आकर डिलीवरी कराती है उनके रहने की व्यवस्था होनी चाहिए, जिसके लिए जल्द ही आशाओं को एक रात्रि विश्राम के लिए के लिए कमरा दिया जाएगा। इस मौके स्नेह लता चौहान, सुधा शर्मा, सोनिया, मंजू कश्यप, मधुबाला शर्मा, नजमा, प्रभादेवी, शिखा सक्सेना, सुनीता चंद्र, सुनीता बिश्नोई, वीर बाला, नसीम जहां, राजबाला, मंजू चौहान, गुड्डन शर्मा, जानकी सरस्वती, ममता अग्रवाल, अनीता कश्यप, परवीन जहां तथा मुमताज समेत दर्जनों आशा कार्यकर्त्तरी मौजूद रही।
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