हरिपुर में यमुना घाट का लोकार्पण, सीएम धामी बोले- पौराणिक स्वरूप लौटाने का संकल्प हो रहा पूरा

देहरादून/कालसी, 17 सितम्बर 2026। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हरिपुर, कालसी में यमुना तट पर प्रथम चरण में निर्मित घाट का लोकार्पण करते हुए क्षेत्र की धार्मिक एवं ऐतिहासिक विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया। कार्यक्रम के दौरान मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया। हरिपुर में नवनिर्मित यमुना घाट को क्षेत्र के धार्मिक पर्यटन विकास से जोड़कर देखा जा रहा है। इससे पहले भी मुख्यमंत्री धामी ने हरिपुर क्षेत्र की धार्मिक पहचान को पुनर्स्थापित करने और यमुना तट को विकसित करने की दिशा में कार्य करने की बात कही थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने निरंतर देश की सेवा करते हुए जनकल्याणकारी योजनाओं को आमजन तक पहुंचाने का कार्य किया है और प्रधानमंत्री के जन्मदिवस के अवसर पर प्रदेशभर में विभिन्न सेवा एवं जनसरोकार से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि हरिपुर में यमुना घाट का लोकार्पण और मां यमुना की प्रतिमा का अनावरण सामान्य आयोजन नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र की पौराणिक एवं धार्मिक पहचान को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने कालसी और हरिपुर के पौराणिक स्वरूप को वापस लौटाने का संकल्प लिया था और अब उस दिशा में किए गए प्रयास धरातल पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने हरिपुर के धार्मिक एवं ऐतिहासिक महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र प्राचीन समय से ही आस्था का केंद्र रहा है। कालसी में सम्राट अशोक का शिलालेख भी क्षेत्र के ऐतिहासिक महत्व को दर्शाता है। हरिपुर और आसपास का क्षेत्र यमुना सहित अन्य नदियों के संगम तथा धार्मिक परंपराओं से जुड़ा हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार विरासत और विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में घाट, मंदिर और अन्य सुविधाओं के विकास से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने विशेष रूप से महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने, होमस्टे और होटल जैसी गतिविधियों के विस्तार तथा स्थानीय लोगों को पर्यटन से जोड़ने की बात कही। मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार केवल घोषणाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि योजनाओं को धरातल पर उतारने का काम किया जा रहा है। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि पूर्व में धार्मिक स्थलों और मंदिरों के विकास को अपेक्षित प्राथमिकता नहीं दी गई तथा अब जब मंदिरों और घाटों का निर्माण हो रहा है तो इसका विरोध किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार विकास कार्यों को लेकर सुझाव मांग रही है, लेकिन जब सुझाव देने का अवसर था तब अपेक्षित सहभागिता नहीं हुई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में धार्मिक पर्यटन के विकास से स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में विभिन्न क्षेत्रों में परिवर्तन दिखाई दे रहा है और उत्तराखंड भी अपनी विरासत, संस्कृति तथा विकास को साथ लेकर आगे बढ़ रहा है। हरिपुर में विकसित यमुना घाट और मां यमुना की प्रतिमा के साथ क्षेत्र को धार्मिक पर्यटन के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में आगे की योजनाओं पर भी जोर दिया जा रहा है।

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