हरिद्वार/ऋषिकेश। हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच गंगा तट के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को एकीकृत रूप से विकसित करने के लिए हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर की योजना तैयार की गई है। प्रस्तावित कॉरिडोर लगभग 15 किलोमीटर लंबा होगा, जिसके माध्यम से दोनों शहरों के महत्वपूर्ण घाट, मंदिर और यातायात केंद्र आपस में जोड़े जाएंगे।योजना के अनुसार कॉरिडोर की शुरुआत हरिद्वार के कनखल क्षेत्र स्थित दक्ष मंदिर से होगी। यहां से यह मार्ग हर की पैड़ी होते हुए भूपतवाला (दूधाधारी चौक) और आगे सप्तऋषि आश्रम तक विकसित किया जाएगा। इस पूरे क्षेत्र को धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु गंगा स्नान और दर्शन के लिए पहुंचते हैं।कॉरिडोर का विस्तार ऋषिकेश क्षेत्र में भी किया जाएगा। इसके अंतर्गत तपोवन, त्रिवेणी घाट, रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी क्षेत्र को भी योजना में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों को जोड़कर श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए आवागमन को अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य रखा गया है।प्रस्तावित परियोजना के तहत गंगा तट के घाटों का सौंदर्यीकरण, बेहतर पैदल मार्ग, पार्किंग व्यवस्था, प्रकाश व्यवस्था और अन्य बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे न केवल धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर व्यापार और रोजगार के अवसर भी बढ़ने की संभावना है।सरकार का मानना है कि इस कॉरिडोर के विकसित होने से हरिद्वार और ऋषिकेश के बीच गंगा तट का पूरा क्षेत्र एक व्यवस्थित धार्मिक-पर्यटन कॉरिडोर के रूप में विकसित होगा, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।














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