काशीपुर। ऐतिहासिक तीर्थ द्रोणासागर और चैती मेला परिसर के आसपास दहशत फैलाने वाला एक और तेंदुआ आखिरकार वन विभाग के पिंजरे में कैद हो गया। आज सुबह करीब छह बजे गोविषाण टीला क्षेत्र में लगाए गए पिंजरे में तेंदुआ फंस गया, जिसके बाद इलाके में लोगों ने राहत की सांस ली। बतादें कि द्रोणासागर और चैती मेला परिसर से सटे गोविषाण टीला क्षेत्र में पिछले चार से पांच वर्षों से तेंदुओं की मौजूदगी से लोग दहशत में हैं। क्षेत्र में रह रहे तेंदुए कई पालतू और लावारिस कुत्तों को अपना शिकार बना चुके हैं, जिससे आसपास के इलाकों में लगातार भय का माहौल बना रहता है। वन विभाग की टीम ने पूर्व में भी पांच तेंदुओं को पिंजरे में कैद कर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया था, इसके बाद आज वन विभाग के पिंजरे में एक और तेंदुआ फस गया। यहां बता दे की 19 मार्च को चैती मेला शुरू होने जा रहा है और यह चैती मेला द्रोणा सागर से सटा हुआ है, जिसको लेकर लोगों में तरह-तरह की अफवाहें थी और लोगों में भय व्याप्त भी था। जिसको वन विभाग की टीम ने दूर कर दिया , लेकिन स्थानीय लोगों का कहना है कि द्रोणा सागर क्षेत्र में और भी तेंदुए होने की संभावना व्यक्त की जा रही है । फिलहाल वन विभाग की टीम ने पूरे क्षेत्र में कॉमलिंग की हे । यहां यह भी बता दें कि बीती एक फरवरी को पांचवां तेंदुआ पकड़ा गया था, जबकि आज छठा तेंदुआ पिंजरे में कैद हुआ है। क्षेत्रवासियों के अनुसार पिछले तीन-चार दिनों से इलाके में तेंदुओं की गतिविधि बढ़ गई थी। करीब चार दिन पहले ब्लॉक कार्यालय के सामने वाली गली में एक साथ दो तेंदुए देखे गए थे, जिसके बाद लोगों में डर और बढ़ गया था। फिलहाल छठा तेंदुआ पिंजरे में कैद होने से लोगों ने राहत की सांस ली है और वन विभाग की भूरी भूरी प्रशंसा की है।
















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