देहरादून। उत्तराखंड की पारंपरिक ऐपन कला को आधुनिक बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल पेश करने वाली युवा उद्यमी मानसी आज कई युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई हैं। देवभूमि उद्यमिता योजना के तहत प्राप्त प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और आर्थिक सहायता के बल पर उन्होंने अपना उद्यम “Homies Vibes” स्थापित किया, जो पारंपरिक कला और आधुनिक उद्यमिता का सफल संगम बन चुका है।प्रशिक्षण के दौरान मानसी ने ब्रांडिंग, पैकेजिंग, लेबलिंग, सोशल मीडिया मार्केटिंग, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर उत्पादों की उपलब्धता, उद्यम आधार पंजीकरण, विपणन प्रबंधन तथा व्यवसाय संचालन के विभिन्न पहलुओं की गहन जानकारी प्राप्त की। प्रशिक्षण से मिली सीख और अपनी मेंटर डॉ. रुचिता पंगुरिया के मार्गदर्शन में उन्होंने अपने उद्यम की शुरुआत की।मानसी के प्रयासों को उस समय बड़ी पहचान मिली जब फरवरी 2025 में आयोजित देवभूमि उद्यमिता स्टार्टअप मेगा इवेंट में उनके उद्यम को 75 हजार रुपये का सीड फंड प्राप्त हुआ। इस आर्थिक सहायता का उपयोग उन्होंने अपने व्यवसाय के विस्तार, उत्पाद विकास और विपणन गतिविधियों को मजबूत करने में किया।आज “होमीज़ वाइब्स” पारंपरिक ऐपन कला को नए बाजारों तक पहुंचाने का सफल माध्यम बन चुका है। वर्तमान में मानसी प्रतिवर्ष लगभग 80 हजार रुपये मूल्य के ऐपन उत्पादों की बिक्री कर रही हैं और लगातार अपने ग्राहक आधार का विस्तार कर रही हैं। उनकी सफलता यह साबित करती है कि उचित प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर पहाड़ की बेटियां भी उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां हासिल कर सकती हैं।देवभूमि उद्यमिता योजना बनी युवाओं के लिए अवसरों का मंचउत्तराखंड उच्च शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी देवभूमि उद्यमिता योजना राज्य के युवाओं में उद्यमिता की भावना विकसित करने और उन्हें रोजगार मांगने वाले के बजाय रोजगार सृजित करने वाला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। सितंबर 2023 में शुरू की गई यह पांच वर्षीय योजना उद्यमिता विकास संस्थान, अहमदाबाद के सहयोग से संचालित की जा रही है।योजना के तहत राज्य के उच्च शिक्षण संस्थानों को नवाचार और उद्यमिता के केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। कृषि, हस्तशिल्प, विनिर्माण, आयुष एवं अरोमा, पर्यटन, एग्रो प्रोसेसिंग, हेरिटेज मैनेजमेंट, लॉजिस्टिक्स, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), ड्रोन तकनीक, नवीकरणीय ऊर्जा और सौर ऊर्जा सहित 12 प्रमुख क्षेत्रों में नवाचार आधारित उद्यमों को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।इसके अंतर्गत विद्यार्थियों को ओरिएंटेशन कार्यक्रम, बूटकैंप, उद्यमिता विकास प्रशिक्षण, विशेषज्ञ मार्गदर्शन, बाजार संपर्क, ब्रांडिंग एवं पैकेजिंग सहायता तथा सीड फंडिंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। योजना के माध्यम से हजारों छात्र-छात्राएं अपने व्यावसायिक विचारों को सफल उद्यमों में बदलने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य युवाओं को केवल रोजगार प्राप्त करने वाला नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाला बनाना है। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान पर आधारित उद्यमों को बढ़ावा देकर रोजगार के नए अवसर सृजित किए जा रहे हैं, जिससे पलायन की समस्या को कम करने में भी मदद मिल रही है।देवभूमि उद्यमिता योजना आज उत्तराखंड में नवाचार, आत्मनिर्भरता और स्थानीय आर्थिक विकास की नई पहचान बनकर उभर रही है।
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