काशीपुर। जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर काशीपुर में निकलने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी को इस बार कुछ अलग अंदाज में आयोजित करने की तैयारी है। जुलूस के दौरान ऐसी तमाम चीजों पर रोक रखने का निर्णय लिया गया है, जो आम लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती रही हैं। आयोजकों का कहना है कि इस बार जुलूस का मुख्य संदेश अमन, चैन, शांति, भाईचारे और मोहब्बत का होगा। जश्ने ईद मिलादुन्नबी कमेटी के सदर शमसुद्दीन ने बताया कि इस बार जुलूस को अनुशासन और सामाजिक सौहार्द की मिसाल बनाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जुलूस में अनावश्यक शोर-शराबे और लोगों की परेशानी का कारण बनने वाली गतिविधियों से पूरी तरह परहेज किया जाएगा। इसके बजाय पैगाम-ए-मुहम्मदी को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर दिया जाएगा।शमसुद्दीन ने कहा कि “इस बार जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जुलूस कुछ अलग होगा। इसमें अमन-चैन, शांति और मोहब्बत का पैगाम लोगों तक पहुंचाने वाला गुलदस्ता नजर आएगा।” उन्होंने नगरवासियों से जुलूस में सहयोग करने तथा इसे शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से सफल बनाने की अपील की।उन्होंने कहा कि जुलूस किसी की परेशानी का कारण न बने, इसके लिए आयोजकों और जिम्मेदार लोगों की ओर से विशेष ध्यान दिया जाएगा। उनका उद्देश्य जश्ने ईद मिलादुन्नबी को आपसी भाईचारे, सद्भाव और इंसानियत का संदेश देने वाला आयोजन बनाना है।काशीपुर में पूर्व वर्षों में भी जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान एकता और भाईचारे का संदेश दिया जाता रहा है। इस बार आयोजकों की ओर से इसे और अधिक अनुशासित एवं सामाजिक संदेश से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। शमसुद्दीन ने नगर के सभी लोगों से अपील की कि वे इस बार जुलूस में सकारात्मक संदेश के साथ शामिल हों और जश्ने ईद मिलादुन्नबी को अमन, शांति और मोहब्बत का पैगाम देने वाला आयोजन बनाने में सहयोग करें।
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