युवा उक्रांद नेताओं की नजरबंदी के विरोध में एसडीएम और पुलिस का किया घेराव

काशीपुर। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय मीडिया प्रभारी आयुष रावत एवं युवा प्रकोष्ठ काशीपुर जिलाध्यक्ष प्रदीप मैंदोलिया को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के काशीपुर दौरे के दौरान कथित तौर पर अलोकतांत्रिक तरीके से नजरबंद किए जाने के विरोध में आज युवा उक्रांद ने प्रदर्शन किया। युवा प्रकोष्ठ महानगर अध्यक्ष जितेन्द्र चौहान के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने पहले कुंडेश्वरी पुलिस चौकी का घेराव किया। इसके बाद पुलिस विभाग द्वारा संबंधित सवालों के जवाब एसडीएम से लेने की बात कहे जाने पर कार्यकर्ताओं ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर घेराव किया और पूरे घटनाक्रम पर जवाबदेही तय करने की मांग उठाई। इस दौरान युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय मीडिया प्रभारी आयुष रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी प्रकरण में निष्पक्ष जांच, कथित VIP की भूमिका की पड़ताल और उत्तराखंड की बेटी को न्याय दिलाने की मांग करना कोई अपराध नहीं है।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी प्रदेश की जनता द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री हैं और सरकारी संसाधनों का उपयोग जनता के ही पैसों से होता है। ऐसे में जब मुख्यमंत्री जनता के बीच पहुंचते हैं, तो उन्हें जनता के सवालों और जनहित से जुड़े मुद्दों को सुनने से परहेज क्यों होना चाहिए? क्या मुख्यमंत्री केवल भाजपा के हैं या पूरे उत्तराखंड के? यदि प्रदेश के युवा अपने मुख्यमंत्री से प्रदेश की बेटी को न्याय दिलाने और जनहित के मुद्दों पर संवाद करना चाहते हैं, तो उन्हें नजरबंद करने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। लोकतंत्र में सरकार से सवाल पूछना और न्याय की मांग करना नागरिकों का अधिकार है। आयुष रावत ने कहा कि अंकिता भंडारी को न्याय मिलने तक उनकी आवाज उठाने का सिलसिला जारी रहेगा। युवा प्रकोष्ठ के काशीपुर जिलाध्यक्ष व काशीपुर से विधायक प्रत्याशी प्रदीप मैंदोलिया की नजरबंदी को लेकर भी कार्यकर्ताओं ने कड़ा विरोध दर्ज कराया। उनका कहना था कि जनप्रतिनिधियों और सरकार तक क्षेत्र की समस्याएं पहुंचाना लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है। मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर जनसमस्याओं से अवगत कराने के प्रयास को बाधित किए जाने के मामले में प्रशासन को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने मांग की कि भविष्य में जनहित के मुद्दों को उठाने वाले नागरिकों और युवाओं के साथ संवाद स्थापित किया जाए तथा उन्हें अपनी बात रखने का अवसर दिया जाए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने कहा कि उत्तराखंड में लोकतांत्रिक अधिकारों, जनहित के सवालों और अंकिता भंडारी प्रकरण में न्याय की मांग को दबाया नहीं जाना चाहिए। सरकार को जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए। कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से पूरे घटनाक्रम पर स्पष्टीकरण देने की मांग की।इस दौरान मनीष कांडपाल, जीवन सिंह गैड़ा,संजय बिष्ट ,केंद्रीय महामंत्री उक्रांद हरजाप सिंह, उक्रांद महानगर अध्यक्ष गोविंद सिंह, गंगा देवी , रेणु बिष्ट , सुरेंद्र सिंह रावत , जगत सिंह , सतेंद्र शर्मा ,और बीरेंद्र नेगी सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।युवा उक्रांद ने स्पष्ट किया कि अंकिता भंडारी को न्याय दिलाने, जनहित के मुद्दों को सरकार के सामने रखने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उसका संघर्ष जारी रहेगा।

Profile Picture

संपादक : एफ यू खान

संपर्क: +91 9837215263

संबंधित ख़बरें

Leave a Comment