वाल्मीकि द्वार की बदहाल स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली सवालो के घेरे में

काशीपुर। महर्षि वाल्मीकि जयंती नजदीक है, लेकिन महेशपुरा मोड़ स्थित वाल्मीकि द्वार की बदहाल स्थिति नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रही है। शहर के व्यस्त मार्ग पर स्थित यह द्वार महर्षि वाल्मीकि के सम्मान और सामाजिक गौरव का प्रतीक है, लेकिन इसकी मौजूदा हालत रखरखाव और सौंदर्यीकरण की अनदेखी बयां कर रही है।महेशपुरा मोड़ पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। ऐसे प्रमुख स्थान पर द्वार की दुर्दशा शहर की छवि पर भी असर डालती है। सवाल यह है कि जब 26 अक्टूबर को महर्षि वाल्मीकि जयंती है और 30 अक्टूबर को शोभा यात्रा है, तो उनके नाम से बने द्वार की सुध लेने में जिम्मेदार विभाग पीछे क्यों हैं?नगर निगम को जयंती से पहले द्वार की साफ-सफाई, रंग-रोगन और जरूरी मरम्मत कराकर इसकी स्थिति सुधारनी चाहिए। महर्षि वाल्मीकि के विचारों और योगदान का सम्मान केवल आयोजनों तक सीमित न रहे, उनके नाम से जुड़े स्थलों की देख रेख भी प्राथमिकता बननी चाहिए। अब देखना यह है कि नगर निगम जयंती से पहले कार्रवाई करता है या द्वार की बदहाली यूं ही बनी रहती है। वहीं वाल्मीकि शोभा यात्रा अध्यक्ष अजय बन्नू ने बताया कि नगर आयुक्त व महापौर दीपक बाली को इस संबंध में अवगत करा दिया गया है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि शोभा यात्रा से पूर्व द्वार पर लगे नाम की प्लेटें व रंग रोगन इत्यादि शीघ्र पूरा किया जायेगा।

Profile Picture

संपादक : एफ यू खान

संपर्क: +91 9837215263

संबंधित ख़बरें

Leave a Comment