खनन विभाग में सुधार और कड़े प्रवर्तन का नतीजा, राजस्व में दस गुना उछाल

हल्द्वानी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में खनन विभाग ने सुशासन, पारदर्शिता और राजस्व वृद्धि के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां दर्ज की हैं। विभाग की नीतियों और कार्यप्रणाली ने न केवल प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत किया है बल्कि आम जनता तक प्रत्यक्ष लाभ पहुंचाने का मार्ग भी प्रशस्त किया है। यह बात उत्तराखंड राज्य स्तरीय जलागम परिषद के उपाध्यक्ष शंकर कोरंगा ने सोमवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत के दौरान कही।उन्होंने कहा कि प्रदेशवासियों को सस्ती दरों पर निर्माण सामग्री उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और खनन विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार से यह लक्ष्य सफलतापूर्वक पूरा हो रहा है। विभाग द्वारा कड़े प्रवर्तन और सुव्यवस्थित नीतियों के कारण न केवल अवैध खनन पर रोक लगी है बल्कि राजस्व वसूली में भी ऐतिहासिक वृद्धि दर्ज की गई है।कोरंगा ने आंकड़े साझा करते हुए बताया कि वर्ष 2012–13 में खनन विभाग का राजस्व मात्र 109.90 करोड़ रुपये था, जबकि वर्ष 2024–25 में यह बढ़कर 1040.57 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह वृद्धि विभाग की पारदर्शी नीतियों और ईमानदार कार्यशैली का प्रमाण है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की प्रतिबद्धता के चलते खनन विभाग सुशासन और पारदर्शिता का प्रतीक बन गया है। खनन से प्राप्त राजस्व राज्य की विकास योजनाओं को गति दे रहा है और प्रदेशवासियों को प्रत्यक्ष रूप से इसका लाभ मिल रहा है।

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संपादक : एफ यू खान

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