श्रीरामकथा गंगा प्रवाह में झूमे श्रद्धालु

काशीपुर। श्रीरामकथा गंगा प्रवाह के चौथे दिन कथा व्यास पूज्यपाद स्वामी बृजेश पाठक जी महाराज ने भगवान श्रीराम के निवास के लिए महर्षि वाल्मीकि द्वारा बताए गए स्थानों में हृदय रूपी मंदिर को प्रमुख स्थान बताते हुए भक्तों को भगवान के आदर्शों को जीवन में उतारने का संदेश दिया। श्रीरामलीला मैदान में आयोजित कथा के दौरान स्वामी बृजेश पाठक महाराज ने महर्षि वाल्मीकि द्वारा भगवान श्रीराम को माता जानकी और भैया लक्ष्मण सहित निवास के लिए बताए गए स्थानों का विस्तार से वर्णन किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीराम के निवास के लिए सबसे महत्वपूर्ण स्थान भक्त का हृदय है। जिस हृदय में भगवान के प्रति प्रेम, श्रद्धा और भक्ति हो, वही प्रभु का वास्तविक निवास स्थान बन जाता है। उन्होंने कहा कि जो लोग भगवान को अपना जीवन समर्पित कर देते हैं और उनकी भक्ति को अपने जीवन का आधार बना लेते हैं, उनके हृदय में प्रभु का वास होता है। भगवान श्रीराम के निवास के लिए बताए गए अन्य स्थानों के विषय में कथा का क्रम आगे भी जारी रहेगा। कथा श्रवण के लिए बड़ी संख्या में रामभक्त पहुंचे। इनमें पेंटर नारायण दास, बाबा दमन बिहारी दास, जागृति कुमार शर्मा, भगवतासह विजय सारस्वत, राकेश कुमार चोलन, महेश कुमार वर्मा, प्रवेश गुप्ता, जीके अग्रवाल, डीपी सिंह, राकेश गोयल, महेशचंद्र राम, प्रकाश कश्यप, उमेश पांडे, हेमचंद्र जोशी, राजेश कुमार, सुनील कुमार भक्षी, डॉ- महेश अग्निहोत्री सहित अन्य श्रद्धालु प्रमुऽ रूप से शामिल रहे। नित्य की भांति श्रीरामलीला कमेटी के अध्यक्ष सुशील कुमार गोयल ने व्यासपीठ का पूजन किया। उन्होंने सभी रामभक्तों से कथा स्थल श्रीरामलीला मैदान में निर्धारित समय रात्रि आठ बजे से पांच मिनट पूर्व पहुंचने का आग्रह किया।।

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संपादक : एफ यू खान

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