रुद्रपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर ऊधम सिंह नगर जनपद में कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 50 प्रगतिशील महिला कृषकों को सम्मानित किया गया। विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में महिला किसानों की मेहनत, उपलब्धियों और कृषि क्षेत्र में उनकी बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करते हुए उन्हें आधुनिक तकनीकों को अपनाने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और अपनी आय बढ़ाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। कृषि विभाग के संयोजन में आयोजित इस कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने की। कार्यक्रम में कृषि एवं उससे जुड़े विभिन्न विभागों की महिला कृषकों और महिला कार्मिकों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। इस दौरान खेती-किसानी में महिलाओं की भूमिका, ग्रामीण आजीविका को मजबूत बनाने, स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने और कृषि क्षेत्र में नई तकनीकों के इस्तेमाल जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। कार्यक्रम का उद्देश्य महिला किसानों के योगदान को पहचान दिलाने के साथ उन्हें कृषि विकास की मुख्यधारा से जोड़ना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा। कार्यक्रम में उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि कृषि क्षेत्र में महिलाओं की भूमिका केवल खेती तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पशुपालन, बागवानी, कृषि आधारित स्वरोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं। महिला किसानों के अनुभवों और उनकी उपलब्धियों को साझा करने के लिए आयोजित चर्चा के दौरान प्रगतिशील कृषकों ने खेती में आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों, संसाधनों की उपलब्धता, उत्पादन बढ़ाने के प्रयासों और अपनी सफलता की कहानियों को सामने रखा। उन्होंने बताया कि निरंतर मेहनत, अनुभव और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करके कृषि कार्यों में सुधार किया जा सकता है। इन अनुभवों ने कार्यक्रम में मौजूद अन्य महिला प्रतिभागियों को भी अपने कार्यों में नई संभावनाएं तलाशने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सरकारी विभागों की ओर से संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी दी गई, ताकि महिला कृषक कृषि, पशुपालन, उद्यान और अन्य संबद्ध गतिविधियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं तथा सहायता का लाभ उठा सकें। अधिकारियों ने महिला किसानों से खेती में आधुनिक एवं नवीन तकनीकों को अपनाने, वैज्ञानिक तरीकों से कृषि कार्य करने और उपलब्ध सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि कृषि उत्पादन को बेहतर बनाने, लागत का प्रभावी प्रबंधन करने और खेती से होने वाली आय में वृद्धि के लिए नई तकनीकों तथा विभागीय मार्गदर्शन का उपयोग महत्वपूर्ण है। साथ ही, कृषि से जुड़े अन्य कार्यों और स्वरोजगार के अवसरों को अपनाकर महिलाएं अपनी आर्थिक स्थिति को और मजबूत कर सकती हैं। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 50 उत्कृष्ट महिला कृषकों का सम्मान समारोह रहा। कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में उनके योगदान और प्रयासों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी ने महिला कृषकों को स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वाली प्रमुख महिला कृषकों में सीमा रानी, कविता तिवारी, पवित्रा राणा, मनदीप कौर और मिथलेश सहित अन्य महिलाएं शामिल रहीं। सम्मान प्राप्त करने वाली महिला कृषकों के प्रयासों को ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि विकास और महिला सशक्तीकरण की दिशा में प्रेरणादायी बताया गया। इस अवसर पर अधिकारियों ने कहा कि महिलाओं को कृषि संबंधी जानकारी, तकनीकी मार्गदर्शन और सरकारी योजनाओं तक बेहतर पहुंच उपलब्ध कराना जरूरी है, जिससे वे खेती को अधिक लाभकारी बनाने के साथ अपने परिवार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की प्रगति में भी योगदान दे सकें। कार्यक्रम में मुख्य कृषि अधिकारी डॉ. विकेश कुमार सिंह यादव, जी.बी. पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर के निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. जितेन्द्र क्वात्रा, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. आशुतोष जोशी, मुख्य उद्यान अधिकारी सतीश शर्मा, कृषि विज्ञान केंद्र की डॉ. प्रतिभा, अग्रणी बैंक अधिकारी शिखा तथा कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी विधि उपाध्याय सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के माध्यम से महिला किसानों की उपलब्धियों को सम्मान देने के साथ कृषि क्षेत्र में उनकी भागीदारी बढ़ाने, नवीन तकनीकों के प्रति जागरूकता विकसित करने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का संदेश दिया गया।
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