काशीपुर। एसटीएफ और साइबर क्राइम कुमाऊं यूनिट ने दूरसंचार विभाग (डॉट) के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध टेलीकॉम नेटवर्क का भंडाफोड़ कर एक आरोपी को गिरफ्रतार किया है। शुरुआती जांच में महज 21 दिनों के भीतर 45,453 आउटगोइंग कॉल किए जाने का खुलासा हुआ है।एसटीएफ ने इस मामले में नईमुद्दीन निवासी मनकुआ मकसूदपुर, थाना डिलारी, मुरादाबाद (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्रतार किया है। जांच में सामने आया कि काशीपुर में एनएच इंटरप्राइजेज नामक फर्म की आड़ में यह नेटवर्क संचालित किया जा रहा था। आरोपी एसआईपी (सेशन इनिशिएशन प्रोटोकॉल) कनेक्शन का दुरुपयोग कर अवैध रूप से आईएलडी गेटवे बाईपास कर विदेशी कॉल को स्थानीय कॉल के रूप में प्रदर्शित कर रहे थे।एसटीएफ के एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना और तकनीकी सर्विलांस के आधार पर यह कार्रवाई की गई। आरोपी किराये के कार्यालय से इंटरनेट और एसआईपी कनेक्शन के माध्यम से अवैध गतिविधियों को अंजाम दे रहा था। सॉफ्रटवेयर के जरिए एक साथ हजारों मोबाइल नंबरों पर बिना मानवीय हस्तक्षेप के रोबो कॉलिंग की जा रही थी। इन कॉल्स का इस्तेमाल प्रचार अथवा संभावित साइबर ठगी के लिए किए जाने की आशंका है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक कंप्यूटर सिस्टम, वर्चुअल मशीन डेटा, तीन जियो राउटर, एक एयरटेल राउटर, एक एसईटीयूपी वीटीईपी उपकरण, पेन ड्राइव, मोबाइल फोन और अन्य नेटवर्किंग उपकरण बरामद किए हैं। कंप्यूटर की जांच में लिनक्स आधारित वर्चुअल मशीन, फ्री पीबीएक्स लॉगिन, रिमोट एक्सेस सॉफ्रटवेयर और व्हाट्सएप चैट के माध्यम से एसआईपी ट्रंक व केबल से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी मिले हैं। गिरफ्रतार आरोपी के खिलाफ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन रुद्रपुर में भारतीय न्याय संहिता, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और दूरसंचार अधिनियम-2023 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। मामले में नेटवर्क के संचालन और इसके संभावित साइबर अपराधों से संबंधों की जांच की जा रही है।
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