नकल विरोधी कानून से बदली भर्ती व्यवस्था, साढ़े चार साल में 33 हजार युवाओं को मिली नौकरी : धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा लागू किया गया देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून अब प्रभावी परिणाम दे रहा है। उन्होंने कहा कि आज सरकारी नौकरियों में चयन मेहनत, प्रतिभा और पारदर्शी प्रक्रिया के आधार पर हो रहा है, जिससे युवाओं का व्यवस्था पर विश्वास मजबूत हुआ है।मुख्यमंत्री ने कहा कि नई कार्यसंस्कृति आज उत्तराखंड की सबसे बड़ी ताकत बनती जा रही है। इसी का परिणाम है कि पिछले साढ़े चार वर्षों में करीब 33 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां प्रदान की गई हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रतिबद्ध है।मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। प्रदेश की जीएसडीपी विकास दर 7.23 प्रतिशत दर्ज की गई है, जबकि पिछले चार वर्षों में प्रति व्यक्ति आय में लगभग 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने बताया कि राज्य का बजट आकार अब एक लाख करोड़ रुपये से अधिक हो चुका है और बेरोजगारी दर में भी रिकॉर्ड गिरावट दर्ज की गई है।मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में रिवर्स पलायन में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब पहाड़ का युवा पलायन नहीं, बल्कि अपने क्षेत्र में संभावनाएं और रोजगार के अवसर देख रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार युवाओं के लिए रोजगार, स्वरोजगार और विकास के नए अवसर तैयार कर रही है।मुख्यमंत्री ने नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले युवाओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत, लगन और संकल्प का सम्मान है। उन्होंने विश्वास जताया कि युवा पूरी निष्ठा, ईमानदारी और सेवा-भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए राज्य और राष्ट्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।उन्होंने कहा कि किसी भी युवा की सफलता के पीछे उसके माता-पिता का त्याग, परिवार का संघर्ष और वर्षों की मेहनत छिपी होती है। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि जब भर्ती प्रक्रिया पारदर्शी होती है, तभी व्यवस्था में योग्य और ईमानदार लोग आते हैं, जो राज्य के भविष्य को मजबूत बनाते हैं।

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संपादक : एफ यू खान

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