काशीपुर। उत्तराखंड शासन के पंजीकृत आर्किटेक्ट एवं इंजीनियर विशाल यादव ने काशीपुर विकास प्राधिकरण (वीसीडीए) के उपाध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर शहर में फर्जी नक्शों, अवैध निर्माण और भवन निर्माण नियमों की अनदेखी के मामलों की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।ज्ञापन में कहा गया है कि शहर के विभिन्न क्षेत्रों में प्राधिकरण के नियमों की अनदेखी करते हुए निर्माण कार्य कराए जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। आरोप है कि कुछ मामलों में फर्जी अथवा अनियमित तरीके से तैयार किए गए नक्शों के आधार पर भवनों का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे न केवल भवन निर्माण संबंधी नियमों का उल्लंघन हो रहा है बल्कि शहर के सुनियोजित विकास पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। शिकायतकर्ता ने फर्जी पंजीकरण, संदिग्ध नक्शों और अवैध निर्माण से जुड़े मामलों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी, कर्मचारी, आर्किटेक्ट, इंजीनियर या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में शहर और आसपास विकसित हो रही अवैध कॉलोनियों का भी उल्लेख करते हुए बिना आवश्यक स्वीकृतियों के हो रहे निर्माण कार्यों की जांच और कार्रवाई की मांग की गई है। विशाल यादव का कहना है कि नियमों का पालन करने वाले पंजीकृत आर्किटेक्ट और इंजीनियर ऐसे अनियमित कार्यों से प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने मांग की कि केवल विधिवत स्वीकृत नक्शों के आधार पर ही निर्माण की अनुमति दी जाए तथा फर्जी दस्तावेजों और नियम विरुद्ध कार्य करने वालों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगाई गई तो भविष्य में शहर की यातायात व्यवस्था, जल निकासी, पार्किंग और अन्य मूलभूत सुविधाओं पर गंभीर असर पड़ सकता है।ज्ञापन सौंपे जाने के बाद अब लोगों की नजरें काशीपुर विकास प्राधिकरण की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। मामले में जांच के बाद ही शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि या खडन हो सकेगा। ज्ञापन सौंपने वालों में विरेंद्र सिंह चौहान, मनीष जोहरी, जसदीप सेठी, नितिन चौहान, रितेष चौधरी, विशाल यादव, राहुल पाल, गुड्डू कुमार, सोमांश गुप्ता और महेश जोशी शामिल रहे।
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