काशीपुर। एसटीएफ ने फर्जी लाइसेंस बनवा कर उन पर शस्त्र क्रय करने के मामले में 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के बाद इस मामले में तीन लोगों को गिरफ्रतार कर उनसे 3 अवैध शस्त्र (सेमीऑटोमैटिक पिस्टल) और 65 (-30 व -32 बोर) कारतूस व 3 कूटरचित (फर्जी) लाइसेंस बरामद किये हैं। सूत्रों का कहना है कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के निर्देश पर अवैध हथियारों के फर्जी लाईसेंस धारकों पर पिछले करीब एक माह से एसटीएफ द्वारा गोपनीय जानकारी/जांच के उपरांत यह कार्यवाही करते हुए काशीपुर कोतवाली में उ-प्र- से निर्गत किए गये 10 फर्जी शस्त्र लाईसेंस धारकों मोहल्ला थाना साबिक निवासी नौशाद हुसैन, लक्ष्मीपुर पट्टी निवासी नसीम, सरवरखेड़ा निवासी मोहम्मद दानिश उर्फ दानू, चामुंडा निवासी सौरभ अग्रवाल, विशाल राजपूत, मेहरोत्रा फार्म निवासी गुरताज सिंह, चामुंडा निवासी जतिन कांडपाल, शाहजहांपुर निवासी मनजोत सिंह व अजीम, चामुंडा निवासी गौरव अग्रवाल ने फर्जी व कूटरचित शस्त्र लाइसेंस बनवाकर काशीपुर गन हाउस से शस्त्र खरीदे और उनका उपयोग करने के मामले में एसटीएफ के निरीक्षक महेन्द्र पाल सिंह द्वारा कोतवाली काशीपुर में मुकदमा दर्ज कराया गया था। यह अस्त्र शाहजहांपुर डीएम कार्यालय से निर्गत दर्शाए गए हैं जो काशीपुर गन हाउस से खरीदे गए थे। इस संबंध में जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय शाहजहांपुर से पत्रचार किया गया। वहां से जानकारी मिली कि इन व्यक्तियों के नाम कोई भी शस्त्र लाइसेंस निर्गत नहीं हुए हैं। इधर कोतवाली पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ संगठित अपराध, कूटरचना, धोखाधड़ी और अवैध रूप से शस्त्र प्राप्त करने के आरोप में बीएनएस की धारा 111, 3(5), 318(4), 336(3), 338, 340, 61(2) के तहत प्राथमिकी दर्ज की। इस मामले में एसटीएफ व स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम ने नौशाद हुसैन पुत्र लियाकत हुसैन निवासी मोहला थाना साबिक काशीपुर को गिरफ्रतार कर उससे एक पिस्टल 30 बोर 28 कारतूस व कूटरचित लाइसेंस व जतिन कांडपाल पुत्र पूरन चन्द्र कांडपाल निवासी चामुंडा मंदिर थाना काशीपुर से बरामदगी एक पिस्टल 32 बोर, 18 कारतूस व कूटरचित लाइसेंस एवं अजीम पुत्र नन्हे पहलवान निवासी ग्राम व पोस्ट सिन्धोली जनपद शाहजहाँपुर व हाल निवासी थाना काशीपुर से एक पिस्टल 30 बोर, 19 कारतूस व कूटरचित लाइसेंस बरामद किया है। यहां बतादें कि एसटीएफ की टीम ने इससे पूर्व फर्जी शस्त्र लाईसेंस के संबंध में दो आरोपितों को गिरफ्रतार कर जेल भेज चुकी है जो वाहरी राज्यों से फर्जी लाईसेंस बनाकर उत्तराखण्ड में अवैध शस्त्र लेकर फर्जी लाईसेंस को सही बनवाकर इस्तेमाल करते थे। पूर्व की इस कार्रवाई में एक अभियुक्त के कब्जे से फर्जी शस्त्र लाईसेंस, अवैध सेमीऑटोमैटिक पिस्टल व कारतूस भी बरामद किये गये थे। सूत्र बताते हैं कि उपरोक्त के अलावा और भी कई चेहरे स्पेशल टॉस्क फोर्स की रडार पर हैं। एसटीएफ को प्राप्त गोपनीय सूचनाओं के आधार पर प्रकाश में आया था कि राज्य में बड़ी संख्या में ऐसे शस्त्र लाईसेंस प्रचलन में है जो बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर उत्तराखंड की शस्त्र पंजिकाओं में दर्ज किये गये हैं जिनमें फर्जीवाड़े एवं अनियमित्ताओं की संभावना है। एसटीएफ द्वारा लगभग दो माह से विभिन्न राज्यों के जिलाधिकारी कार्यालयों एवं शस्त्र निर्गमन प्राधिकारियों से हजारों शस्त्र लाईसेंसों का विवरण प्राप्त कर सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। एसटीएफ की टीम में निरीक्षक एमपी सिंह, निरीक्षक अरुण कुमार, उपनिरीक्षक जगदीप नेगी व प्रकाश भगत, एएसआई सत्येन्द्र गंगोला, हेड कांस्टेबल गोविन्द बिष्ट, रियाज अख्तर, सुरेन्द्र सामंत व चालक संजय कुमार, कांस्टेबल गुरवंत सिंह, सोनू पाण्डे के अलावा काशीपुर से एसआई सुनील सुतेड़ी, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, कांस्टेबल हरीश गोस्वामी व चालक ललित चौधरी शामिल रहे।
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