देहरादून। उत्तराखंड के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में बच्चों को स्थानीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने तथा पलायन पर रोक लगाने के उद्देश्य से प्रस्तावित कई केंद्रीय विद्यालय अब भी शुरू नहीं हो पाए हैं। कहीं विद्यालयों के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पा रही है तो कहीं भवन की व्यवस्था नहीं हो सकी है, जिसके चलते स्वीकृति मिलने के बावजूद कई विद्यालयों में शिक्षण कार्य शुरू नहीं हो पाया है।टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में केंद्रीय विद्यालय को वर्ष 2025 में स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन विद्यालय के लिए…
