नैनीताल। उत्तराखंड हाईकोर्ट को नैनीताल से हल्द्वानी स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को लेकर विवाद गहरा गया है। नैनीताल हाईकोर्ट के अधिवक्ता कौशल साह जगती ने इस मामले में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) को शिकायत भेजते हुए नैनीताल के जिलाधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जिलाधिकारी ने आवश्यक केंद्रीय अनुमतियां प्राप्त किए बिना आरक्षित वन भूमि पर नए उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण का प्रस्ताव तैयार किया है। शिकायत के अनुसार, प्रस्तावित भूमि पर्यावरण और वन्यजीवों की दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है तथा यह एशियाई हाथियों के प्राकृतिक गलियारों (एलीफेंट कॉरिडोर) को प्रभावित करती है।अधिवक्ता ने शिकायत में यह भी कहा है कि हाईकोर्ट का नैनीताल से स्थानांतरण उत्तराखंड राज्य के पुनर्गठन के मूल उद्देश्यों के विपरीत है। उनका कहना है कि इससे नैनीताल में स्थानीय रोजगार और इससे जुड़े आर्थिक गतिविधियों पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।शिकायत के अनुसार, जिला प्रशासन की रिपोर्ट में प्रस्तावित भूमि बेलबाबा मंदिर के पास स्थित बताई गई है, जो हल्द्वानी रेलवे स्टेशन से लगभग 11 किलोमीटर की दूरी पर है।मामले को लेकर अधिवक्ता ने प्रधानमंत्री कार्यालय से पूरे प्रकरण की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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