काशीपुर। राम कथा का आज विश्राम हो गया, विश्राम दिवस पर कथा व्यास शीतल दीदी ने अपनी संगीतमय मधुर वाणी से नल-नील की देखरेख में वानरों द्वारा समुद्र तट पर पुल निर्माण, लंका पर चढ़ाई, लंका दहन, मेघनाथ, कुंभकरण और रावण वध की कथा का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा व्यास ने बताया कि भगवान श्रीराम और लक्ष्मण वानरों की विशाल सेना के साथ लंका तट पर स्थित सुवेल पर्वत पहुंचे। भगवान श्रीराम ने युद्ध से पूर्व एक बार फिर शांति का प्रस्ताव अंगद के माध्यम से रावण की सभा में भेजा, लेकिन रावण ने इसे ठुकरा दिया। इसके बाद लंका में भीषण युद्ध शुरू हो गया।कथा व्यास ने लक्ष्मण और मेघनाथ के बीच हुए युद्ध तथा लक्ष्मण शक्ति प्रसंग का मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि युद्ध में मेघनाथ पराजित होने लगा तो उसने मायावी शक्ति बाण से लक्ष्मण जी को मूर्छित कर दिया। हनुमान जी उन्हें अचेत अवस्था में प्रभु श्रीराम के पास लेकर आए। लक्ष्मण को मूर्छित देखकर श्रीराम अत्यंत दुखी हुए। हनुमान जी द्वारा सुषेण वैद्य के बताए अनुसार संजीवनी बूटी लाने के बाद लक्ष्मण के प्राण बच सके।कथा व्यास ने राम-लक्ष्मण के अगाध और निस्वार्थ प्रेम का वर्णन करते हुए कहा कि लक्ष्मण के हृदय में लगा घाव भी श्रीराम के लिए पीड़ा का कारण था। इसके बाद मेघनाथ, कुंभकरण और लंकापति रावण के वध, माता सीता को सकुशल अयोध्या लाने तथा श्रीराम के राज्याभिषेक की कथा के साथ नौ दिवसीय राम कथा का विश्राम हुआ।कथा विश्राम से पूर्व भजनों पर श्रोता जमकर झूमे। आरती के बाद प्रसाद वितरण किया गया। पंडा विकास अग्निहोत्री ने बताया कि मंगलवार को विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक संख्या में पहुंचकर प्रसाद ग्रहण करने का आ“वान किया। इस अवसर पर मुख्य यजमान आनंद कुमार, प्रधान मुख्य पंडा विकास अग्निहोत्री, ऽंड शिक्षा अधिकारी डीके साहू, भाजपा जिलामंत्री अमित सिंह, वरिष्ठ कांग्रेसी नेता संदीप सहगल, चंदावती डिग्री कॉलेज की प्रधानाचार्या दीपिका गुड़िया आत्रेय, यजमान देवेंद्र यादव, पार्षद अनिल कुमार, कौशलेश गुप्ता, कवींद्र डसीला, नीरज कांडपाल, अयोध्या हनुमानगढ़ी से लक्ष्मी दास, महामंडलेश्वर गणेशानंद दास, विकास गुप्ता, बलराम तोमर, अशोक शर्मा, लज्जावती तोमर, सोनिया तोमर, मंजू गुप्ता, नीतू पाल समेत सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।
संपादक : एफ यू खान
संपर्क: +91 9837215263
