रुद्रपुर, 7 सितंबर। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया की अध्यक्षता में सोमवार को जिला सैनिक परिषद की त्रैमासिक बैठक आयोजित की गई, जिसमें जनपद के भूतपूर्व सैनिकों, शहीद सैनिकों के आश्रितों और वीरांगनाओं से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा करते हुए उनके शीघ्र समाधान के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने जिला सैनिक कल्याण परिषद के कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि पूर्व सैनिकों और वीरांगनाओं की समस्याओं का समाधान शासन-प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है और बैठक में सामने आए प्रत्येक मामले को गंभीरता से लेते हुए हरसंभव समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। पूर्व सैनिकों से संबंधित संगठनात्मक एवं व्यक्तिगत भूमि विवादों के मामलों में डीएम ने अपर जिलाधिकारी और संबंधित उप जिलाधिकारियों को 10 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई कर मामलों का निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रक्रिया को तेज करने के लिए संबंधित पक्षों के साथ वर्चुअल बैठक आयोजित करने को भी कहा, ताकि मामलों के समाधान में अनावश्यक विलंब न हो। बैठक के दौरान एक वीरांगना से जुड़े भूमि धोखाधड़ी के मामले को भी गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने पुलिस विभाग को तत्काल नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। पूर्व सैनिकों की ओर से सैनिक मिलन केंद्र स्थापित किए जाने की मांग पर जिलाधिकारी ने जसपुर, बाजपुर और काशीपुर में ऐसे सरकारी भवनों को चिन्हित करने के निर्देश दिए, जो वर्तमान में उपयोग में नहीं हैं, ताकि उनकी उपलब्धता के आधार पर प्रस्ताव तैयार कर आगे की कार्रवाई की जा सके। वहीं गदरपुर में सैनिक ग्राम स्थापित करने की मांग पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को संबंधित गांव का स्थलीय भ्रमण कर वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं और अवस्थापना संरचना का जायजा लेने के निर्देश दिए गए, जिसके आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी। बैठक में जिला सैनिक कल्याण अधिकारी ने जानकारी दी कि ऊधम सिंह नगर जिले में लगभग 13 हजार भूतपूर्व सैनिक हैं, जिनमें सर्वाधिक संख्या खटीमा क्षेत्र में और सबसे कम संख्या जसपुर में है, जबकि जिले में करीब 18 हजार सैनिक आश्रित हैं। उन्होंने विभाग की ओर से पूर्व सैनिकों के आश्रितों और वीर नारियों के सशक्तीकरण के लिए संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए बताया कि काशीपुर में कंप्यूटर प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही युवाओं और सैनिक आश्रितों को रोजगार के अवसरों के लिए भर्ती पूर्व प्रशिक्षण भी 24 अगस्त से 18 अक्तूबर तक निःशुल्क प्रदान किया जा रहा है। बैठक में पूर्व सैनिकों ने खटीमा में जिला सैनिक कल्याण कार्यालय खोले जाने तथा रुद्रपुर में सीएसडी कैंटीन की स्थापना किए जाने की मांग भी प्रमुखता से रखी। जिलाधिकारी ने पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़े विषयों को संवेदनशीलता के साथ लेते हुए संबंधित विभागों को समन्वय के साथ प्रभावी कार्रवाई करने पर जोर दिया। बैठक में दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, सीओ डीआर वर्मा, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल सीपी कोठारी, अधिशासी अभियंता विद्युत राजीव चक्रवर्ती, एलडीएम कमल कुमार, सूबेदार धनसिंह सामंत, देवेंद्र सिंह, कैप्टन बचन सिंह, सूबेदार मेजर केएस कार्की, त्रिलोक सिंह नेगी सहित अनेक पूर्व सैनिक और संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
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