देहरादून। उत्तराखंड में विकास, निवेश और रोजगार को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। सत्तापक्ष की ओर से कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया गया है कि प्रदेश में विकास की कोई नई पहल होने, निवेश आने अथवा युवाओं के लिए रोजगार के अवसर तैयार होने पर कांग्रेस के नेता सकारात्मक रुख अपनाने के बजाय लगातार सवाल खड़े करते हैं। बयान में कांग्रेस की राजनीति पर परिवारवाद और तुष्टिकरण के इर्द-गिर्द लंबे समय तक केंद्रित रहने का आरोप लगाते हुए कहा गया कि अब पारदर्शिता, सुशासन और विकास आधारित राजनीति विपक्ष को असहज कर रही है। सरकार की ओर से प्रदेश में निवेश और रोजगार के नए अवसर तैयार करने के उद्देश्य से UIIDB के गठन का उल्लेख करते हुए दावा किया गया कि वर्तमान व्यवस्था में भूमि और निवेश से जुड़े मामलों को अधिक पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा रहा है। सत्तापक्ष ने कांग्रेस के पूर्व कार्यकाल पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उस दौरान सरकारी जमीनों से जुड़े मामलों में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं थी, जबकि वर्तमान सरकार ने प्रदेश में 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराया है। बयान में यह भी कहा गया कि अतिक्रमण हटाने की इस कार्रवाई के दौरान कांग्रेस नेताओं की ओर से उस समय कोई प्रभावी आपत्ति या विरोध दर्ज नहीं कराया गया। सरकार ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने तथा सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखने की दिशा में उसकी नीतियां जारी रहेंगी। हालांकि, कांग्रेस की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया है, यह अलग से सामने आना बाकी है।
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