उत्तराखंड बन रहा बड़े फिल्म निर्माताओं की पसंद, शूटिंग के लिए 7 दिन में मिलेगी अनुमति: सीएम पुष्कर सिंह धामी

देहरादून। उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता, विविध भौगोलिक परिस्थितियों और अनुकूल वातावरण के चलते राज्य बड़े फिल्म निर्माताओं के लिए पसंदीदा शूटिंग स्थल के रूप में उभर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश में इन दिनों कई बड़े फिल्म प्रोजेक्ट्स की शूटिंग चल रही है, जिससे उत्तराखंड की फिल्म-अनुकूल पहचान को मजबूती मिल रही है। फिल्म निर्माण गतिविधियों के विस्तार से राज्य के पर्यटन स्थलों को व्यापक पहचान मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर भी पैदा हो रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को देश के प्रमुख फिल्म शूटिंग डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसके लिए फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने, शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन देकर राज्य की प्राकृतिक और सांस्कृतिक विशेषताओं को देश-दुनिया के सामने लाया जाए। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्र, प्राकृतिक दृश्य, नदियां, जंगल और विविध पर्यटन स्थल फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करते हैं। प्रदेश में फिल्मों और अन्य दृश्य-श्रव्य परियोजनाओं की शूटिंग होने से इन स्थानों की पहचान व्यापक स्तर पर बनती है। इससे पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ राज्य की अर्थव्यवस्था को भी लाभ पहुंचाने की संभावनाएं बढ़ती हैं। फिल्म शूटिंग के दौरान स्थानीय कलाकारों, युवाओं और तकनीशियनों को काम करने के अवसर मिलते हैं, वहीं होटल व्यवसाय, परिवहन, खानपान और अन्य स्थानीय सेवाओं से जुड़े लोगों को भी आर्थिक गतिविधियों का लाभ मिल सकता है। सरकार फिल्म पर्यटन को राज्य की अर्थव्यवस्था से जोड़कर स्थानीय लोगों की भागीदारी बढ़ाना चाहती है, ताकि फिल्म निर्माण से होने वाले लाभ प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंच सकें। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने फिल्म निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 लागू की है। इस नीति के तहत फिल्म निर्माताओं की सुविधा के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम की व्यवस्था की गई है, जिससे शूटिंग से संबंधित अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल और व्यवस्थित बनाया जा सके। इस व्यवस्था के अंतर्गत विभिन्न विभागों से जरूरी स्वीकृतियां प्राप्त करने के लिए समन्वय स्थापित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि फिल्म निर्माताओं को सात दिनों के भीतर शूटिंग की अनुमति उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। इसका उद्देश्य अनुमति प्रक्रिया में लगने वाले समय को कम करना और फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आगे बढ़ाने में सहायता करना है। सिंगल विंडो व्यवस्था से फिल्म निर्माताओं को अलग-अलग विभागों के समक्ष अनुमति संबंधी प्रक्रियाओं के लिए भटकने की आवश्यकता कम होगी और शूटिंग की योजना बनाना अधिक सुविधाजनक हो सकेगा। राज्य सरकार स्थानीय प्रतिभाओं को फिल्म निर्माण से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री के अनुसार, फिल्म उद्योग के विस्तार से उत्तराखंड के कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य प्रतिभाशाली युवाओं को अपनी क्षमता दिखाने के अवसर मिल सकते हैं। साथ ही, स्थानीय संसाधनों और सेवाओं के इस्तेमाल से रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं। फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देने से प्रदेश के उन पर्यटन स्थलों को भी पहचान मिल सकती है, जो अभी तक व्यापक स्तर पर लोगों के सामने नहीं आ पाए हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि सरकार उत्तराखंड को फिल्म निर्माण के लिए सुविधाजनक और आकर्षक स्थान बनाने के उद्देश्य से लगातार प्रयास कर रही है। फिल्म नीति-2024, सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम और सात दिनों में शूटिंग अनुमति की व्यवस्था इसी दिशा में उठाए गए कदम हैं। सरकार की मंशा है कि फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों को बढ़ावा देकर पर्यटन, स्थानीय रोजगार और आर्थिक विकास को एक-दूसरे से जोड़ा जाए। इससे उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को व्यापक पहचान मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए अवसर विकसित करने में भी मदद मिल सकती है।

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