देहरादून । ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में नौ मार्च से शुरू हो रहे उत्तराखंड विधानसभा के बजट सत्र में सरकार कई महत्वपूर्ण संशोधन विधेयक सदन में पेश करने जा रही है। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा समान नागरिक संहिता (यूसीसी) संशोधन विधेयक को लेकर है। विधानसभा सचिवालय को सरकार की ओर से अब तक चार विधेयक प्राप्त हो चुके हैं, जबकि विभिन्न विभागों और आयोगों की वार्षिक प्रतिवेदन रिपोर्ट भी सदन पटल पर रखी जाएगी। इस बार के सत्र में पक्ष और विपक्ष के विधायकों की ओर से 580 से अधिक प्रश्न प्राप्त हुए हैं, जिससे सत्र के हंगामेदार रहने के संकेत मिल रहे हैं।सरकार ने प्रदेश में लागू यूसीसी में संशोधन कर कुछ नए प्रावधान शामिल किए हैं। प्रस्तावित संशोधन के तहत पहचान छिपाकर शादी करने के मामलों में मुकदमा दर्ज किया जा सकेगा और ऐसी शादी को अमान्य भी माना जाएगा। इसके अलावा रजिस्ट्रार जनरल के पद को लेकर भी बदलाव प्रस्तावित है, जिसके तहत अब अपर सचिव स्तर का अधिकारी भी रजिस्ट्रार जनरल नियुक्त किया जा सकेगा। पहले यूसीसी में इस प्रकार के प्रावधान शामिल नहीं थे। माना जा रहा है कि सरकार इन संशोधनों के जरिए कानून को और अधिक प्रभावी बनाना चाहती है।बजट सत्र के दौरान सरकार निवेश को बढ़ावा देने और कारोबारी माहौल को सरल बनाने से जुड़े प्रस्ताव भी सदन में रखेगी। इसके तहत उत्तराखंड दुकान और स्थापन (रोजगार विनियमन और सेवा-शर्त) संशोधन विधेयक पेश किया जाएगा, जिसमें दुकानों के कामकाज के समय को अधिक लचीला बनाने, कार्यक्षमता बढ़ाने और कामगारों को अधिक काम के अवसर उपलब्ध कराने के प्रावधान शामिल हैं।राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माने जा रहे इस बजट सत्र पर सभी की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि यूसीसी संशोधन सहित अन्य विधेयकों को लेकर सदन में व्यापक चर्चा और संभावित बहस देखने को मिल सकती है, जिससे सत्र के दौरान राजनीतिक माहौल गर्म रहने की संभावना है।












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