काशीपुर। लंबे समय से काशीपुर की स्थानीय जनता लंबे रूट की काशीपुर से ट्रेनों की मांग करती चली आ रही है लेकिन रेलवे काशीपुर वासियों की उपेक्षा करता चला रहा है, यहां बता दे की मांग के बावजूद लंबे समय से काशीपुर को एक भी नई लंबी दूरी की ट्रेन नहीं दी गई, उल्टा पहले से संचालित कई गाड़ियों को बंद कर दिया गया। स्थिति यह है कि जहां लालकुआं जंक्शन से नई-नई ट्रेनों का संचालन शुरू किया जा रहा है, परन्तु उन ट्रेनो को रामनगर-काशीपुर से नहीं जोड़ा (संचालन) नहीं किया जा रहा। वहीं औद्योगिक नगरी काशीपुर और प्रमुख पर्यटन स्थल रामनगर को रेल कनेक्टिविटी से लगभग बाहर कर दिया गया है। इस मुद्दे को लेकर नगर क्षेत्र के तमाम संगठनों ने पूर्वाेत्तर रेलवे इज्जतनगर मंडल को समय-समय पर पत्र भेजकर अवगत कराया गया है। उसके बावजूद काशीपुर से जम्मूतवी, चंडीगढ़ अमृतसर, देहरादून और लखनऊ के लिए नई लंबी दूरी की ट्रेनों का शीघ्र संचालन शुरू करने की मांग की है। कई मंचों ने यह भी मांग उठाई है कि काशीपुर जंक्शन को लालकुआं जंक्शन से लिंक ट्रेनों के माध्यम से जोड़ा जाए और लालकुआं से मुरादाबाद होकर चलने वाली कुछ गाड़ियों का संचालन वाया काशीपुर किया जाए। कई मंचों द्वारा अपने पत्रों में यह भी कहा गया है कि रामनगर काशीपुर जंक्शन से सुबह 5 से 6 बजे के बीच मुरादाबाद के लिए एक नियमित ट्रेन चलाई जाए, ताकि यात्री मुरादाबाद से प्रातः चलने वाली लंबी दूरी की ट्रेनों को समय पर पकड़ सकें। रेलवे मंत्रालय ने कुछ समय पूर्व लालकुआं चंडीगढ़ वंदे भारत एक्सप्रेस चलाने का प्रस्ताव दिया था, जिसका रूट और पासिंग भी तय हो चुकी थी, लेकिन आज तक उस ट्रेन का संचालन शुरू नहीं हो पाया। स्थानीय लोगों का कहना है कि काशीपुर एक ओर हजारों श्रमिकों वाली औद्योगिक नगरी है, वहीं रामनगर कॉर्बेट नेशनल पार्क का प्रवेश द्वार होने के कारण अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर अपनी पहचान रखता है। इसके बावजूद रेलवे विस्तार की जरूरत को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
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