नई दिल्ली। कक्षा 9 और 10 में लागू किए जा रहे त्रिभाषा फॉर्मूले तथा सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली को लेकर संसदीय समिति जल्द समीक्षा बैठक करेगी। समिति की अध्यक्षता कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह कर रहे हैं। इस बैठक में शिक्षा मंत्रालय और सीबीएसई के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल होने के लिए बुलाया गया है।जानकारी के अनुसार समिति ने स्कूल शिक्षा सचिव संजय कुमार और सीबीएसई अध्यक्ष राहुल सिंह को 2 जून को होने वाली बैठक में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कक्षा 12 की परीक्षाओं में ऑन-स्क्रीन मूल्यांकन प्रणाली के उपयोग और उसके बाद छात्रों को हुई तकनीकी परेशानियों पर चर्चा की जाएगी।हाल ही में कक्षा 12 के परिणामों के सत्यापन और पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया के दौरान तकनीकी गड़बड़ियों, भुगतान विफल होने और पोर्टल तक पहुंच में समस्या को लेकर छात्रों और अभिभावकों ने नाराजगी जताई थी। समिति इन मुद्दों की भी विस्तृत समीक्षा करेगी।इसके अलावा सीबीएसई द्वारा 1 जुलाई से कक्षा 9 के छात्रों के लिए तीन भाषाओं का अध्ययन अनिवार्य किए जाने के फैसले पर भी चर्चा होगी। नई व्यवस्था के तहत छात्रों को कम से कम दो भारतीय भाषाएं पढ़ना जरूरी होगा। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि जब तक तीसरी भाषा की नई पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो जातीं, तब तक छात्र चुनी गई भाषा की कक्षा 6 की पुस्तकों के 2026-27 संस्करण का उपयोग करेंगे।सीबीएसई के अनुसार यह बदलाव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और स्कूल शिक्षा के राष्ट्रीय पाठ्यचर्या ढांचे 2023 के अनुरूप किया जा रहा है। हालांकि त्रिभाषा फॉर्मूले को लेकर तमिलनाडु सरकार ने विरोध जताया है। राज्य सरकार का कहना है कि इससे गैर-हिंदी भाषी राज्यों पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा और क्षेत्रीय भाषाई पहचान प्रभावित हो सकती है। तमिलनाडु लंबे समय से तमिल और अंग्रेजी आधारित द्विभाषा नीति का पालन करता आ रहा है।राज्यसभा सचिवालय के नोटिस के अनुसार समिति 1 जून को भी बैठक करेगी। सुबह 10 बजे होने वाली बैठक में शिक्षा मंत्रालय के उच्च शिक्षा विभाग से संबंधित अनुदान मांग रिपोर्ट पर सरकार द्वारा की गई कार्रवाई की समीक्षा की जाएगी। इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य मंत्रालय, राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए), यूनाइटेड डॉक्टर्स फ्रंट और विशेषज्ञों के साथ विभिन्न परीक्षा प्रणालियों और राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।समिति इससे पहले 21 मई को राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी में सुधार, नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले और राधाकृष्णन समिति की सिफारिशों को लेकर भी बैठक कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आयोजित नीट-यूजी परीक्षा 3 मई को हुई थी, लेकिन पेपर लीक के आरोपों के बाद राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी थी। मामले की जांच सीबीआई कर रही है, जबकि दोबारा परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी।
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