काशीपुर। शहर के दो परिवारों ने अपने परिजनों के निधन के बाद नेत्रदान कर मानवता और समाजसेवा की प्रेरणादायी मिसाल पेश की है। दोनों परिवारों की सहमति से दान की गई आंखों (कॉर्निया) से अब चार लोगों को नई रोशनी मिल सकेगी।जानकारी के अनुसार विजय नगर स्टेडियम निवासी ब्रह्मलीन श्रीमती रूपा बजाज पत्नी स्वर्गीय ओम प्रकाश बजाज के गोलोक गमन के पश्चात उनके पुत्र संजीव बजाज और राजीव बजाज ने नेत्रदान की सहमति प्रदान की। इसके बाद वसुधैव कुटुम्बकम काशीपुर के दायित्वधारियों की देखरेख में मुरादाबाद से आई टीम ने आवश्यक कागजी औपचारिकताएं पूरी कर कॉर्निया प्राप्त किए। इस नेत्रदान कार्य में समाजसेवी राजकुमार सेठी और लक्की चावला का विशेष सहयोग रहा।वहीं दूसरी ओर वीरभूमि एनक्लेव निवासी ब्रह्मलीन एडवोकेट भगवती प्रसाद कोटनाला के निधन के बाद उनकी पत्नी निर्मला कोटनाला तथा पुत्र संदीप कोटनाला और कर्नल अमित कोटनाला ने भी नेत्रदान के लिए सहमति दी। सोमवार रात वसुधैव कुटुम्बकम काशीपुर के सहयोग से मुरादाबाद की टीम ने कॉर्निया सुरक्षित प्राप्त किए। इस दौरान जितेंद्र दत्त देवलाल, राजकुमार सेठी, सुनील चौहान और डॉ. गिरीश तिवारी का विशेष सहयोग रहा।संस्था के संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल ने बताया कि नेत्रदान से किसी प्रकार का अंग भंग नहीं होता और यह जरूरतमंद लोगों के जीवन में नई रोशनी लाने का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने कहा कि नेत्रदान के लिए कोई आयु सीमा नहीं होती। एक वर्ष के बच्चे से लेकर 90 वर्ष तक के बुजुर्ग का भी नेत्रदान संभव है। मधुमेह, उच्च रक्तचाप, अस्थमा या मोतियाबिंद का इलाज करा चुके लोग भी नेत्रदान कर सकते हैं।संस्था अध्यक्ष विकास जैन ने लोगों से अधिक से अधिक नेत्रदान के लिए आगे आने की अपील करते हुए बताया कि नेत्रदान सहायता के लिए 24 घंटे संपर्क किया जा सकता है।
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