नैनीताल। प्रदेश में डॉक्टरों के बड़े पैमाने पर किए गए तबादलों को लेकर उठे विवाद और स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ रहे प्रभाव के बीच राज्य सरकार ने इस पूरे मामले में पुनर्विचार करने का निर्णय लिया है। प्रमुख सरकारी अस्पतालों से स्पेशलिस्ट और सुपर स्पेशलिस्ट डॉक्टरों का बिना प्रतिस्थानी की नियुक्ति के स्थानांतरण किए जाने के बाद कई अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने लगी हैं। इसका असर मैदान से लेकर पर्वतीय क्षेत्रों तक देखने को मिल रहा है, जहां स्थानीय लोगों और विभिन्न संगठनों द्वारा लगातार विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं तथा तबादला आदेशों पर पुनर्विचार की मांग उठाई जा रही है। शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से हाईकोर्ट को अवगत कराया गया कि डॉक्टरों के स्थानांतरण संबंधी निर्णय पर पुनर्विचार किया जाएगा। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने स्वास्थ्य सचिव को भवाली सेनिटोरियम को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने के लिए तैयार की गई विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर अब तक हुई प्रगति की रिपोर्ट एक सप्ताह के भीतर न्यायालय में प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। माना जा रहा है कि सरकार के इस निर्णय से प्रभावित अस्पतालों में स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु बनाए रखने की दिशा में आगे आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं।
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