कोटद्वार। उत्तराखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूटीईटी) के दौरान कोटद्वार में दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा देने का मामला सामने आया है। परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों की जांच के दौरान एक युवक को फर्जी परीक्षार्थी के रूप में पकड़ा गया। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नगीना निवासी युवक हिमांशु, काशीपुर निवासी अभ्यर्थी विशाल कुमार के स्थान पर यूटीईटी की परीक्षा देने परीक्षा केंद्र पहुंचा था। मामला सामने आने के बाद परीक्षा केंद्र पर कुछ समय के लिए हड़कंप की स्थिति रही और प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर युवक से पूछताछ की।बताया गया कि परीक्षा केंद्र पर अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और पहचान संबंधी जानकारी की जांच के दौरान युवक की पहचान को लेकर संदेह हुआ। इसके बाद मामले की सूचना प्रशासन को दी गई। एसडीएम कोटद्वार संदीप कुमार के निर्देशन में करीब आधे घंटे तक पूछताछ और जांच-पड़ताल की गई। जांच के दौरान युवक से उसके पहचान संबंधी दस्तावेजों के साथ-साथ परीक्षा में शामिल होने के कारण और संबंधित अभ्यर्थी के बारे में जानकारी ली गई। जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हिमांशु, काशीपुर निवासी विशाल कुमार के स्थान पर परीक्षा देने पहुंचा था।पूछताछ के दौरान पकड़े गए युवक हिमांशु ने प्रशासन को बताया कि काशीपुर निवासी विशाल कुमार उसका मित्र है और इसी मित्रता के चलते वह उसके स्थान पर यूटीईटी परीक्षा देने आया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने युवक को हिरासत में ले लिया और प्रकरण में आगे की कार्रवाई शुरू की। परीक्षा में किसी दूसरे व्यक्ति के स्थान पर शामिल होना परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और नियमों से जुड़ा गंभीर मामला माना जा रहा है।एसडीएम संदीप कुमार ने बताया कि परीक्षा केंद्रों पर इस तरह की अनियमितताओं को रोकने के लिए प्रशासन की ओर से लगातार सघन निगरानी की जा रही है। अभ्यर्थियों की पहचान और दस्तावेजों की जांच पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि कोई भी व्यक्ति दूसरे अभ्यर्थी के स्थान पर परीक्षा में शामिल न हो सके। उन्होंने कहा कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाए रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।बताया गया कि उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल की ओर से मिली पुष्ट सूचना के बाद प्रशासन ने मामले में कार्रवाई की। सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच की गई और परीक्षा केंद्र पर मौजूद युवक से पूछताछ की गई। इसके बाद फर्जी परीक्षार्थी के रूप में परीक्षा देने पहुंचे युवक को हिरासत में लिया गया।यूटीईटी जैसी शिक्षक पात्रता परीक्षा में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शामिल होते हैं और परीक्षा की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए केंद्रों पर पहचान सत्यापन और निगरानी की व्यवस्था की जाती है। कोटद्वार में सामने आए इस मामले के बाद परीक्षा केंद्रों पर निगरानी और जांच व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन की सतर्कता सामने आई है। प्रशासन द्वारा मामले की जांच आगे भी जारी रखी जा रही है और संबंधित पक्षों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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