चंपावत में पहली बार हुई कैबिनेट बैठक, युवाओं समेत कई वर्गों के लिए सरकार ने लिए अहम फैसले

चंपावत। उत्तराखंड में शासन को दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों तक पहुंचाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई पहल की है। इसी क्रम में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे चंपावत जिले के बनबसा स्थित एनएचपीसी परिसर में रविवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक आयोजित की गई। चंपावत जिले में पहली बार आयोजित हुई कैबिनेट बैठक में करीब 25 प्रस्तावों पर चर्चा हुई और युवाओं, किसानों, कर्मचारियों, शिक्षा, स्वास्थ्य तथा विभिन्न विभागों से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों पर मुहर लगाई गई। कैबिनेट ने पहाड़ी क्षेत्रों के करीब दो हजार कुक्कुट पालकों को फीड पर सब्सिडी देने का निर्णय लिया। इसके तहत लगभग दो करोड़ रुपये की सब्सिडी डीबीटी के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। पशुपालन, मत्स्य और डेयरी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के लिए डायरेक्टर जनरल के पद को अपग्रेड करने को भी मंजूरी दी गई। युवाओं के कौशल विकास के लिए करीब 200 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। इसके तहत विद्यार्थियों को डिग्री के साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जाएगा और प्रत्येक सेमेस्टर में छह क्रेडिट के स्किल कोर्स शामिल किए जाएंगे, जिनमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों से जुड़े पाठ्यक्रम भी शामिल होंगे। कैबिनेट ने टीडीसी के लिए 66 करोड़ रुपये के विशेष पैकेज को भी मंजूरी दी। कर्मचारियों से संबंधित आचरण नियमों में संशोधन करते हुए समूह ‘क’, ‘ख’ और ‘ग’ के कर्मचारियों से संपत्ति का विवरण लिए जाने का प्रावधान किया गया है। वहीं प्रांतीय रक्षक दल में अधिकारी के पद को समूह ‘ख’ में किए जाने को भी मंजूरी दी गई। निजी विश्वविद्यालयों की स्थापना के नियमों में भी बदलाव किया गया है। अब 20 हजार वर्गमीटर भूमि में निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने का रास्ता साफ किया गया है, जबकि पांच करोड़ रुपये के गारंटी फंड की अनिवार्यता समाप्त करने का निर्णय लिया गया है। चिकित्सा क्षेत्र में पीजी डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है। इसके बाद वरिष्ठ और कनिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों के मासिक स्टाइपेंड में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है। इसके अलावा नजूल भूमि के नियमितीकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया है, जिसमें खटीमा, बनबसा और चंपावत जैसे क्षेत्र भी शामिल हैं। वन विभाग से जुड़े मामलों के त्वरित निस्तारण के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट गठित करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाया गया है। उच्च शिक्षा विभाग में विद्यार्थियों के लिए स्किल डिप्लोमा कोर्स शुरू करने का निर्णय लिया गया है, जिससे एक लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने की बात कही गई है। इसके साथ ही टिहरी जिले के नरेंद्रनगर में नया सब-रजिस्ट्रार कार्यालय खोलने को भी मंजूरी दी गई। कैबिनेट बैठक को सीमांत क्षेत्र में शासन की सक्रिय उपस्थिति दर्ज कराने और स्थानीय जरूरतों के अनुरूप नीतिगत फैसले लेने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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संपादक : एफ यू खान

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