मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंडित दीनदयाल उपाध्याय शैक्षिक उत्कृष्टता पुरस्कार समारोह में हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षाओं में प्रदेश के शीर्ष 10 स्थानों पर रहे 63 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। इनमें हाईस्कूल के 38 और इंटरमीडिएट के 25 विद्यार्थी शामिल रहे। हाईस्कूल में अक्षत गोपाल ने 98.20 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया, जबकि इंटरमीडिएट में गीतिका पंत और सुशीला मेहंदीरत्ता ने 98 प्रतिशत अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से प्रथम स्थान प्राप्त किया। बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित मुख्य सेवक सदन में आयोजित समारोह में उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देने वाले छह विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी प्रशस्ति पत्र और मुख्यमंत्री ट्रॉफी देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मेधावी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता के पीछे मेहनत, अनुशासन और दृढ़ संकल्प के साथ-साथ शिक्षकों और अभिभावकों का महत्वपूर्ण योगदान है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 में प्रदेश का हाईस्कूल परीक्षा परिणाम 92.10 प्रतिशत और इंटरमीडिएट का परीक्षा परिणाम 85.11 प्रतिशत रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय का मानना था कि शिक्षा केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि इसमें नैतिक मूल्य, राष्ट्रप्रेम, सामाजिक समरसता और व्यावहारिक ज्ञान भी शामिल होना चाहिए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत प्रदेश में शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और गुणवत्तापूर्ण बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं तथा उत्तराखंड इस नीति को लागू करने वाले अग्रणी राज्यों में शामिल है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 189 अटल उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए हैं और सरकारी विद्यालयों में एनसीईआरटी की पुस्तकों को अनिवार्य किया गया है। दूरस्थ क्षेत्रों के विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 500 विद्यालयों में वर्चुअल क्लासरूम और सेंट्रल स्टूडियो की व्यवस्था की जा रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करने के लिए नंदा गौरा योजना के अंतर्गत 12वीं उत्तीर्ण पात्र छात्राओं को 51 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। वहीं, मुख्यमंत्री बालाश्रय योजना के माध्यम से अनाथ बच्चों की निशुल्क शिक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के साथ-साथ उन्हें संस्कारवान, आत्मनिर्भर और जिम्मेदार नागरिक बनाना है, ताकि वे प्रदेश और देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकें।
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