सीएम धामी ने सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास पर दिया जोर, बनबसा लैंड पोर्ट परियोजना की प्रगति की समीक्षा

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विकास कार्यों में स्थानीय आवश्यकताओं और जनहित को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि इससे न केवल स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था भी सशक्त होगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।सोमवार को नई दिल्ली स्थित उत्तराखंड निवास में आयोजित बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने लैंड पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के अध्यक्ष जयंत सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की।बैठक में मुख्यमंत्री ने चंपावत जनपद के बनबसा (गुदमी) क्षेत्र में भारत-नेपाल सीमा पर निर्माणाधीन आधुनिक लैंड पोर्ट परियोजना की प्रगति की विस्तृत जानकारी ली। इस परियोजना को एशियन हाईवे से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया, जिससे अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी को मजबूती मिलेगी और व्यापारिक गतिविधियों में तेजी आएगी।इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने पिथौरागढ़ जनपद के सीमावर्ती क्षेत्रों धारचूला और झूलाघाट में सीमा व्यापार, आवागमन और आधारभूत ढांचे के सुदृढ़ीकरण से जुड़े विषयों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों का समग्र विकास न केवल स्थानीय निवासियों के लिए सुविधाजनक होगा, बल्कि सीमावर्ती क्षेत्रों की अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा।मुख्यमंत्री धामी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में चल रहे सभी विकास कार्यों को समयबद्ध और सुव्यवस्थित ढंग से पूरा किया जाए। उन्होंने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि इन परियोजनाओं का सीधा लाभ स्थानीय लोगों को मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो।उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों के उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी ठोस प्रयास किए जाएं, ताकि स्थानीय कारीगरों और किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सके। यह पहल आत्मनिर्भर उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी।कुल मिलाकर, बैठक में लिए गए निर्णयों को सीमावर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास, अंतरराष्ट्रीय संपर्क को मजबूत करने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देने की दृष्टि से अहम माना जा रहा है।

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