रानीखेत (अल्मोड़ा)। कुमाऊं एवं नागा रेजिमेंट सेंटर (केआरसी) मुख्यालय में कठिन सैन्य प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा करने के बाद 1170 अग्निवीर नवसैनिक भारतीय सेना का अभिन्न अंग बन गए। भव्य पासिंग आउट परेड के दौरान इन जवानों ने देश की रक्षा और राष्ट्रसेवा के लिए स्वयं को समर्पित करने की शपथ ली।अदम्य साहस, शौर्य और वीरता के प्रतीक बहादुरगढ़ द्वार से कदमताल करते हुए अग्निवीर सैनिकों ने अंतिम पग भरकर भारतीय सेना में अपने नए सफर की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने मां भारती की आन, बान और शान की रक्षा के लिए आवश्यकता पड़ने पर अपना सर्वस्व न्यौछावर करने का संकल्प लिया।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित केआरसी कमांडेंट ब्रिगेडियर विजयंत महादिक ने नवसैनिकों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें रेजिमेंट का नाम, नमक और निशान सदैव ऊंचा रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सैनिक का जीवन तपस्या, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक होता है तथा देश सेवा का अवसर हर किसी को प्राप्त नहीं होता।ब्रिगेडियर महादिक ने कहा कि कुमाऊं रेजिमेंट का गौरवशाली इतिहास देश के लिए प्रेरणा है। देश को परमवीर चक्र विजेता मेजर सोमनाथ शर्मा और मेजर शैतान सिंह जैसे वीर सपूत देने वाली इस प्रतिष्ठित रेजिमेंट का हिस्सा बनना हर सैनिक के लिए गर्व और सौभाग्य की बात है।देशभक्ति और सैन्य परंपराओं से ओत-प्रोत इस समारोह के साथ 1170 अग्निवीरों ने भारतीय सेना में अपने गौरवपूर्ण दायित्वों की शुरुआत करते हुए राष्ट्र की सुरक्षा के लिए स्वयं को समर्पित कर दिया।
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