काशीपुर। महापौर दीपक बाली ने आज नगर के बीचो-बीच से निकल रही लक्ष्मीपुर माइनर प्रोजेक्ट का स्थलीय निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति और सामने आ रही बाधाओं का जायजा लिया। उन्होंने सिंचाई विभाग, यूपीसीएल, नगर निगम और निर्माण संस्था के अधिकारियों व इंजीनियरों के साथ मौके पर पहुंचकर समस्याओं के समाधान को लेकर चर्चा की। महापौर ने कहा कि वर्षा ऋतु के कारण प्रभावित हुए विकास कार्यों को अब बारिश का मौसम समाप्त होने के बाद दोबारा गति दी जा रही है। महापौर ने बताया कि लक्ष्मीपुर माइनर का करीब आधा हिस्सा पूरा हो चुका है, जबकि शेष कार्य किया जाना है। निर्माण संस्था की ओर से बिजली के पोल, ट्रांसफार्मर सहित अन्य तकनीकी और स्थानीय बाधाओं की जानकारी दी गई थी। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों और निर्माण संस्था के इंजीनियरों की मौजूदगी में इन समस्याओं के समाधान पर सहमति बनी। उन्होंने उम्मीद जताई कि कल या परसों से लक्ष्मीपुर माइनर के शेष हिस्से में निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा। महापौर ने कहा कि निर्माण के दौरान जहां भी कोई बाधा आएगी, वहां संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर उसका समाधान कराया जाएगा। जरूरत पड़ने पर वह स्वयं भी मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे। उन्होंने कहा कि लक्ष्मीपुर माइनर को कवर किए जाने के बाद इसके ऊपर यातायात व्यवस्था विकसित होने की संभावना है, जिससे शहर को महत्वपूर्ण लाभ मिल सकता है। नहर के ऊपर बने मकानों और अस्थायी निर्माण को लेकर महापौर ने स्पष्ट किया कि किसी के स्थायी निर्माण को नुकसान पहुंचाने का उद्देश्य नहीं है। उन्होंने बताया कि कुछ लोगों ने अस्थायी रूप से जाल, लोहे की सीढ़ी या अन्य सामान लगाकर नहर को ढका हुआ है। ऐसे लोगों से स्वयं इन्हें हटाने का अनुरोध किया गया है। निर्माण के दौरान अस्थायी अतिक्रमण हटाया जाएगा, लेकिन किसी के स्थायी निर्माण को तोड़ने की कार्रवाई नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि न्यायालय के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए निर्माण कराया जाएगा और प्रयास रहेगा कि किसी व्यक्ति को अनावश्यक नुकसान न हो।महापौर ने कहा कि लक्ष्मीपुर माइनर के तैयार होने के बाद शहर को बेहतर व्यवस्था मिलने की उम्मीद है। उन्होंने इसे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत शहर के लिए महत्वपूर्ण विकास कार्य बताया।माइनर में गंदगी और इसके ढेला नदी से जुड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर महापौर ने कहा कि नगर निगम क्षेत्र में गंदे पानी को सीधे ढेला नदी में जाने से रोकने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था की गई है। उन्होंने बताया कि शहर में 35 एमएलडी क्षमता के चार एसटीपी संचालित हैं और गंदा पानी एसटीपी से होकर ही आगे जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं और नगर आयुक्त समय-समय पर एसटीपी का निरीक्षण करते हैं। माइनर में मौजूद गंदगी की सफाई और उसके प्रबंधन की दिशा में भी काम किया जा रहा है। महापौर ने आसपास रहने वाले लोगों से निर्माण कार्य में सहयोग और धैर्य बनाए रऽने की अपील की। उन्होंने कहा कि आबादी वाले क्षेत्र में निर्माण होने के कारण निर्माण संस्था और अधिकारियों का सहयोग आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान स्थानीय लोगों और पार्षदों ने भी परियोजना को जल्द पूरा कराने में सहयोग का आश्वासन दिया। इस दौरान नगर आयुक्त रविंद्र बिष्ट, शशांक गहतोड़ी, एक्सईएन सिंचाई एके गुप्ता, एक्सईएन यूपीसीएल अजित कुमार, पूर्व चेयरमैन शमसुद्दीन, एसडीओ यूपीसीएल महक मिश्रा, एई सिंचाई केशव सिंह, जेई राजू, पार्षद अब्दुल कादिर, जिला प्रकोष्ठ संयोजक मुकेश चावला, नामित पार्षद दुर्गेश गुप्ता, सुमित प्रजापति, एडवोकेट अशरफ सैफी, पिंटू सैनी समेत अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।
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