ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग और भारतीय ज्ञान परंपरा का प्रमुख केंद्र बनाने पर जोर : मुख्यमंत्री धामी

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ऋषिकुल को आयुर्वेद, योग एवं भारतीय ज्ञान परंपरा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर देते हुए कहा कि संस्थान के समग्र विकास के लिए पारंपरिक ज्ञान के साथ आधुनिक शिक्षा और शोध को भी प्रभावी रूप से जोड़ा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऋषिकुल के विकास में आयुर्वेद, मेडिकल टूरिज्म, योग, ज्योतिष और वैदिक गणित जैसे विषयों को विशेष प्राथमिकता दी जाए तथा इन क्षेत्रों में उच्च स्तरीय शैक्षणिक, शोध एवं अध्ययन की सुविधाएं विकसित की जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकुल ऐसा संस्थान बने, जो भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक शोध के बीच एक प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करे और देश-दुनिया के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं तथा ज्ञान के क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बने। उन्होंने कहा कि आयुष, योग और संस्कृत देवभूमि उत्तराखण्ड की विशिष्ट पहचान हैं और राज्य की इस सांस्कृतिक एवं ज्ञान परंपरा को ऋषिकुल के विकास की योजनाओं में प्रमुखता से प्रतिबिंबित किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री ने संस्थान में होने वाली शैक्षणिक गतिविधियों को उच्च स्तर का बनाए जाने पर बल देते हुए कहा कि यहां भारतीय ज्ञान, प्राच्य विद्याओं, आयुर्वेद और योग से जुड़े विषयों के अध्ययन एवं अनुसंधान के लिए उत्कृष्ट वातावरण तैयार किया जाए। उन्होंने कहा कि ऋषिकुल की समृद्ध परंपरा और आधुनिक आवश्यकताओं के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर संस्थान को ऐसा स्वरूप दिया जा सकता है, जहां शिक्षा के साथ शोध, नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपरा का संरक्षण एवं विस्तार भी हो। मुख्यमंत्री ने संबंधित व्यवस्थाओं को मजबूत करने और संस्थान की विशिष्ट पहचान को व्यापक स्तर पर स्थापित करने की दिशा में गंभीरता से कार्य करने पर जोर दिया।

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संपादक : एफ यू खान

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