रुद्रपुर। विकास भवन सभागार में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी की अध्यक्षता में ग्राम्य विकास विभाग द्वारा जनपद में संचालित विभिन्न विकास योजनाओं एवं कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में वीबीजी राम जी (मनरेगा), राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम), ग्रामोत्थान (रीप), प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण, ग्रामीण स्वच्छता के अंतर्गत रूरल वेस्ट मैनेजमेंट, पुस्तकालयों की स्थापना एवं संचालन, सांसद निधि तथा विधायक निधि सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने खंड विकास अधिकारियों को निर्देशित किया कि वीबीजी राम जी के अंतर्गत आंगनबाड़ी केंद्रों में कराए जा रहे सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा कराया जाए। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को सांसद निधि एवं विधायक निधि से संचालित कार्यों में तेजी लाते हुए उन्हें निर्धारित समय में पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थापित की जा रही लाइब्रेरी से संबंधित सभी आवश्यक कार्य जल्द पूरे कराकर उनका संचालन शुरू कराया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों एवं युवाओं को इसका लाभ मिल सके। ग्रामीण स्वच्छता व्यवस्था की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ग्रामीण क्षेत्रों से निकलने वाले कूड़े का उचित तरीके से पृथकीकरण एवं निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। किसी भी स्थान पर लंबे समय तक कूड़ा एकत्रित नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही कूड़ा संग्रहण करने वाले वाहनों का नियमित संचालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। मनरेगा की समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने योजना के अंतर्गत मानव दिवस बढ़ाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अमृत सरोवरों को केवल जल संरक्षण तक सीमित न रखते हुए वहां आजीविका से संबंधित गतिविधियां संचालित करने के निर्देश दिए, जिससे ग्रामीणों को रोजगार एवं आय के अतिरिक्त अवसर उपलब्ध हो सकें। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्थापित ग्रोथ सेंटरों के सुचारु संचालन पर भी सीडीओ ने विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि सभी ग्रोथ सेंटरों का संचालन रीप परियोजना के सहयोग से प्रभावी ढंग से कराया जाए। स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं की आर्थिक स्थिति एवं सामाजिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए उन्हें लगातार जागरूक करने, उनकी आय बढ़ाने के लिए आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराने तथा उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रभावी कार्य करने के निर्देश दिए गए। मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को स्थानीय बाजार के साथ-साथ संस्थागत स्तर पर भी अवसर उपलब्ध कराए जाने चाहिए, ताकि उनके उत्पादों और सेवाओं की मांग बढ़े और उनकी नियमित आय में वृद्धि हो। इसी क्रम में उन्होंने महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र से समन्वय स्थापित कर औद्योगिक संस्थानों में कार्यरत कार्मिकों के लिए स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से भोजन, फास्ट फूड एवं अन्य खाद्य सेवाएं उपलब्ध कराने की संभावनाओं पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इस प्रकार समूहों की महिलाओं को स्थायी बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनकी आर्थिक आत्मनिर्भरता को भी मजबूत किया जा सकता है। बैठक में ग्राम्य विकास विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तार से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन, लंबित कार्यों में तेजी तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर परियोजना निदेशक डीआरडीए हिमांशु जोशी, डीडीओ गोपाल गिरी गोस्वामी, एपीडी रमा गोस्वामी, जिला थीमेटिक एक्सपर्ट सौरभ सक्सेना, विपिन राणा सहित खंड विकास अधिकारी केके कांडपाल, कमल किशोर पांडे, शेखर जोशी, अतिया परवीन, असित आनंद, सीआर आर्य, संजय गांधी तथा ग्राम्य विकास विभाग से संबंधित डीपीओ मनरेगा, ब्लॉक मिशन मैनेजर एनआरएलएम एवं रीप परियोजना के कार्मिक मौजूद रहे।
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