दर्शन लाल सचदेवा की आंखें निधन के बाद भी दुनिया में बिखेरेंगे रोशनी

काशीपुर। समाजसेवा और धार्मिक कार्यों से जुड़े रहे दर्शन लाल सचदेवा जी निधन के बाद भी दो लोगों की जिंदगी में रोशनी छोड़ गए। उनके निधन के पश्चात पुत्र अनुज कुमार सचदेवा ने नेत्रदान की सहमति देकर अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। अब उनके पिता की आंखो के कॉर्निया से दो लोग दुनिया देख सकेंगे। 20 सितंबर को वसुधैव कुटुम्बकम् काशीपुर के दायित्वधारियों की देख रेख में मुरादाबाद से पहुंची टीम ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी कर दान की गई आंखो के कॉर्निया प्राप्त किए। संस्था का यह 59वां नेत्रदान है। इस कार्य में संस्थापक सदस्य दीपक मित्तल एवं वरिष्ठ समाजसेवी राजकुमार सेठी का विशेष सहयोग रहा।संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल ने बताया कि नेत्रदान में किसी प्रकार का अंग-भंग नहीं होता। एक वर्ष के बच्चे से लेकर 90 वर्ष तक के बुजुर्ग नेत्रदान कर सकते हैं। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, अस्थमा अथवा मोतियाबिंद का उपचार करा चुके लोग भी नेत्रदान कर सकते हैं।सचिव प्रियांशु बंसल ने बताया कि मृत्यु के बाद परिवारजन दोनों आंखो पर गीली रूई के फाहे रखे, सिर थोड़ा ऊंचा करें और पंखा बंद रखे। नेत्रदान के लिए 24 घंटे 9837080678 या 9548799947 पर संपर्क किया जा सकता है।संरक्षक योगेश जिंदल, अध्यक्ष विकास जैन, कोषाध्यक्ष सौरभ अग्रवाल, संस्थापक सदस्य अजय अग्रवाल, आशीष गुप्ता, अनुज सिंघल, अंकुर मित्तल, आशीष पैगिया एवं सीए सचिन अग्रवाल ने सचदेवा परिवार का आभार जताते हुए दिवंगत आत्मा की शांति की प्रार्थना की। संस्था ने क्षेत्रवासियों से मरणोपरांत नेत्रदान के लिए आगे आने का आह्वान किया।

Profile Picture

संपादक : एफ यू खान

संपर्क: +91 9837215263

संबंधित ख़बरें

Leave a Comment