देहरादून। हरिद्वार जिले के मदरसों में 12,289 छात्रों का फर्जी नामांकन मिलने के बाद अब शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में संचालित मिड डे मील योजना की जांच कराने का निर्णय लिया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा महानिदेशालय और सभी मुख्य शिक्षा अधिकारियों (सीईओ) को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए हैं।जानकारी के अनुसार हरिद्वार के मदरसों में हाल ही में हुई जांच में छात्र संख्या और अभिलेखों में बड़े स्तर पर अनियमितताएं सामने आई थीं। इसके बाद शिक्षा विभाग ने हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर और देहरादून के मैदानी क्षेत्रों के सरकारी विद्यालयों के साथ-साथ पौड़ी जिले के कोटद्वार तथा नैनीताल जिले के हल्द्वानी और रामनगर क्षेत्र के स्कूलों में भी मिड डे मील और छात्र संख्या का सत्यापन कराने का फैसला लिया है।जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि विद्यालयों में वास्तविक रूप से कितने छात्र अध्ययनरत हैं और उनके अनुरूप मिड डे मील तैयार किया जा रहा है या नहीं। शिक्षा महानिदेशालय, पीएम पोषण कार्यालय और संबंधित जिलों के मुख्य शिक्षा अधिकारी संयुक्त रूप से इस प्रक्रिया की निगरानी करेंगे।शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार शासन के निर्देश पर हरिद्वार जिला प्रशासन ने हाल ही में कई मदरसों का सत्यापन किया था। जांच में पाया गया कि मार्च 2026 में मदरसों के अभिलेखों में 31,780 छात्रों का नामांकन दर्ज था, जबकि अप्रैल 2026 में जांच के बाद यह संख्या घटकर 19,491 रह गई। इस प्रकार 12,289 छात्रों का नामांकन फर्जी पाया गया।अधिकारियों का कहना है कि जिन संस्थानों में छात्र संख्या और मिड डे मील वितरण में गड़बड़ी पाई जाएगी, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के अनुसार अन्य जिलों के मदरसों की भी जांच जारी है और जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां सरकारी धनराशि की वसूली की जाएगी।शिक्षा विभाग का मानना है कि इस जांच अभियान से मिड डे मील योजना में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग पर प्रभावी रोक लग सकेगी।
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