देहरादून। प्रदेश के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए बेहतर अवसर और गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना’ का शुभारंभ करेंगे। इस योजना के माध्यम से राज्य के युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग के साथ उच्च गुणवत्ता वाली अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे आर्थिक अथवा भौगोलिक परिस्थितियों के कारण महंगी कोचिंग से वंचित रहने वाले युवाओं को भी बेहतर तैयारी का अवसर मिल सकेगा। योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं के साथ-साथ उच्च शिक्षा और पात्रता परीक्षाओं की तैयारी के लिए भी युवाओं को विशेषज्ञ मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। इनमें सामान्य प्रवेश परीक्षा, प्रबंधन अभिरुचि परीक्षा, अभियांत्रिकी में स्नातक अभिरुचि परीक्षा, राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा तथा वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद की राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाएं शामिल हैं। मुख्यमंत्री धामी की इस पहल का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप आगे बढ़ने के लिए आवश्यक शैक्षणिक संसाधन और मार्गदर्शन उपलब्ध कराना है। योजना का सबसे अधिक लाभ उत्तराखंड के दूरस्थ और पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को मिलने की उम्मीद है, क्योंकि अब उन्हें गुणवत्तापूर्ण कोचिंग प्राप्त करने के लिए देहरादून, हल्द्वानी या अन्य बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। युवा अपने घर से ही ऑनलाइन माध्यम के जरिए विशेषज्ञ शिक्षकों और विषय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में विभिन्न परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे। इससे जहां युवाओं के समय और संसाधनों की बचत होगी, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर अवसर मिल सकेंगे। मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना को प्रदेश में युवाओं की शिक्षा, कौशल और रोजगार की संभावनाओं को मजबूत करने वाली महत्वपूर्ण पहल के रूप में देखा जा रहा है। सरकार का प्रयास है कि आर्थिक स्थिति या भौगोलिक दूरी किसी भी प्रतिभाशाली युवा की सफलता के रास्ते में बाधा न बने और राज्य के अधिक से अधिक युवा उच्च शिक्षा तथा प्रतियोगी परीक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन करते हुए अपने भविष्य को मजबूत कर सकें।
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