पॉलिटेक्निक प्रवक्ता के 527 पदों पर नियुक्ति का रास्ता साफ, हाई कोर्ट ने याचिका निस्तारित की

नैनीताल। उत्तराखंड में पॉलिटेक्निक संस्थानों में प्रवक्ता के 527 पदों पर नियुक्ति का रास्ता अब साफ हो गया है। नैनीताल हाई कोर्ट ने प्रवक्ता पदों के लिए निर्धारित शैक्षणिक योग्यता को चुनौती देने वाली याचिका को निस्तारित कर दिया है। सरकार की ओर से कोर्ट को नियमों में किए गए संशोधन की जानकारी दिए जाने के बाद यह निर्णय आया। मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति मनोज कुमार गुप्ता और न्यायमूर्ति सुभाष उपाध्याय की खंडपीठ ने गढ़वाल निवासी अभ्यर्थी मधुसूदन पैन्युली एवं अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए मामले का निस्तारण किया। इससे पहले हाई कोर्ट ने तीन मार्च 2025 को परीक्षा से महज दो दिन पहले पॉलिटेक्निक प्रवक्ता पदों की लिखित परीक्षा पर रोक लगा दी थी, जिसके बाद भर्ती प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी थी। याचिका में प्रवक्ता पदों के लिए निर्धारित योग्यता को लेकर आपत्ति जताई गई थी। याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि राज्य सरकार द्वारा निर्धारित भर्ती नियम अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थे। याचिका में कहा गया था कि जिन पदों के लिए स्नातकोत्तर की योग्यता आवश्यक है, उनमें स्नातक डिग्रीधारी अभ्यर्थियों को भी पात्र माना जा रहा था। याचिकाकर्ताओं ने एआईसीटीई के वर्ष 2019 के मानकों का हवाला देते हुए भर्ती प्रक्रिया में निर्धारित योग्यता पर सवाल उठाए थे। मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने हाई कोर्ट को बताया कि 27 मार्च 2026 को संबंधित नियमों में संशोधन कर दिया गया है। संशोधित नियमों के अनुसार अब पॉलिटेक्निक प्रवक्ता पदों पर भर्ती एआईसीटीई के निर्धारित नियमों के अनुरूप ही की जाएगी। संशोधन के बाद लेवल-10 लेक्चरर पद के लिए स्नातक के साथ स्नातकोत्तर की अनिवार्य योग्यता को नियमों में स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है। पूर्व व्यवस्था में कुछ स्नातक पात्र अभ्यर्थियों को भी परीक्षा में शामिल होने का अवसर मिल रहा था, लेकिन संशोधित नियमों के बाद शैक्षणिक योग्यता को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी गई है। सरकार की ओर से नियमों में संशोधन की जानकारी को संज्ञान में लेते हुए हाई कोर्ट ने याचिका का निस्तारण कर दिया। कोर्ट के इस निर्णय के बाद पॉलिटेक्निक प्रवक्ता के 527 पदों पर अटकी भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल गया है। भर्ती से जुड़े अभ्यर्थियों के लिए यह फैसला महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि मार्च 2025 में परीक्षा पर रोक लगने के बाद से प्रक्रिया लंबित थी। अब संशोधित नियमों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सकेगा और एआईसीटीई के मानकों के अनुरूप निर्धारित योग्यता के आधार पर अभ्यर्थियों को परीक्षा एवं नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा।

Profile Picture

संपादक : एफ यू खान

संपर्क: +91 9837215263

संबंधित ख़बरें

Leave a Comment