काशीपुर। पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय पंडित नारायण दत्त तिवारी द्वारा जिन सपनों को लेकर काशीपुर में कई शिक्षण संस्थानों, सरकारी प्रतिष्ठानों समेत यहां तमाम छोटे व बड़े उद्योगों की स्थापना की थी, वह धरोहरें आज धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रहे हैं । जिनमें से जो कुछेक धरोहरें शेष रह गई है वह भी उत्तराखंड बनने के बाद परिसम्पित्तयों के बंटवारे के बावजूद मात्र एक तमाशबीन बन कर रह गई है। इन्हीं धरोहरों में से आज काशीपुर का रोडवेज बस स्टैंड अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। बतादें कि पंडित नारायण दत्त तिवारी जिस समय केंद्रीय उद्योग मंत्री थे तब उन्होंने अपने काशीपुर से लगाव कहें या प्रेम के चलते यहां राजकीय पॉलिटेक्निक, गन्ना सोसायटी, महिला आईटीआई, गन्ना संस्थान, श्रम विभाग कार्यालय, रोडवेज बस स्टैंड समेत तमाम शिक्षण संस्थानों व सरकारी प्रतिष्ठानों के अलावा काशीपुर क्षेत्र में छोटे व बड़े तमाम उद्योगों को स्थापित कराने में अपनी अहम भूमिका निभाई थी, परंतु उत्तराखंड बनने के बाद यहां स्थापित किए गये उद्योगों को जैसे दीमक लग जाती है उसी तरीके से धीरे-धीरे कुछेक उद्योगों को छोड़ शेष उद्योग यहां से गायब हो गये। यह दौर यहीं समाप्त नहीं हुआ, धीरे-धीरे पं- नारायण दत तिवारी के प्रयासों से यहां स्थापित शिक्षण संस्थान हो या सरकारी कार्यालय भी धीरे-धीरे विलुप्त हो गये। आज देखा जाए तो कुछ ही संस्थानों को छोड़ पूर्व में स्थापित किये गये संस्थानों के स्थानों पर या तो भू-माफियाओं का कब्जा हो गया है या फिर वह स्थान खडहर बन चुके हैं। यहां बात करें तो पं- तिवारी द्वारा उस समय स्थापित किये सरकारी कार्यालयों में एक रोडवेज बस स्टैंड भी है जो आज सरकार व निगम की अनदेखी के चलते धीरे-धीरे खडहर में तब्दील हो गया है। यहीं नहीं एक मामूली सी बरसात में यह रोडवेज बस स्टैंड एक तालाब का रूप ले लेता है। रोडवेज कार्यालय के सामने जहां बसों को ख ड़ा करने का स्थान है वहां बड़े-बड़े गहरे गड्ढे होने के कारण इन दिनों बरसात के चलते वहां पानी भरने से लोगों परेशानियों का सामना करना पड़ा अब देखना है कि और रोडवेज बस स्टैंड की ओर शासन प्रशासन का कब ध्यान जाता।
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