चमोली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बामणी गांव स्थित मां नंदा देवी मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और समस्त प्रदेशवासियों के सुख-समृद्धि, शांति एवं आरोग्यपूर्ण जीवन की कामना की। मुख्यमंत्री ने मां नंदा से उत्तराखंड को निरंतर प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाने तथा प्रदेशवासियों पर अपना आशीर्वाद बनाए रखने की प्रार्थना की।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने स्थानीय ग्रामीणों से आत्मीयता के साथ भेंट की और उनका कुशलक्षेम जाना। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का पारंपरिक अंदाज में स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों और विशेष रूप से मातृशक्ति से मिले स्नेह एवं आशीर्वाद के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ के लोगों का अपनापन और आत्मीयता उनके लिए हमेशा विशेष रही है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति से मिले अपार स्नेह और आशीर्वाद ने उन्हें भाव-विभोर कर दिया।मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने स्थानीय महिलाओं के साथ चाचणी नृत्य में भी सहभागिता की। इस दौरान उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की लोक संस्कृति, परंपराएं और रीति-रिवाज हमारी पहचान हैं। चाचणी नृत्य में शामिल होकर उन्हें प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति के रंग में रंगने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की संस्कृति केवल परंपराओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह हमारी सामाजिक एकता, आपसी प्रेम और पहाड़ की जीवनशैली की पहचान भी है।मुख्यमंत्री ने कहा कि पहाड़ की मिट्टी से जुड़ाव और अपने लोगों का स्नेह उनके लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहा है। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति का आशीर्वाद और स्थानीय लोगों का यह अपनापन उनका मनोबल बढ़ाता है तथा उन्हें प्रदेश के विकास के लिए और अधिक ऊर्जा एवं स्फूर्ति के साथ कार्य करने की प्रेरणा देता है।उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। प्रदेश की लोक परंपराओं, देवी-देवताओं से जुड़ी आस्था और ग्रामीण संस्कृति को संरक्षित रखते हुए विकास की दिशा में आगे बढ़ना सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।मुख्यमंत्री ने मां नंदा से प्रार्थना करते हुए कहा कि देवी का आशीर्वाद समस्त प्रदेशवासियों पर बना रहे और उत्तराखंड सदैव सुख, शांति एवं समृद्धि की ओर अग्रसर होता रहे। उन्होंने स्थानीय लोगों के स्नेह और आशीर्वाद के लिए उनका आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अपने लोगों से मिला यह अपनापन और पहाड़ की संस्कृति से जुड़ाव उनके लिए अविस्मरणीय है।
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